



इंदौर महावीर भवन 5 सितंबर 2023 । तप करना जितना कठिन है उससे भी अनंत गुना भोजन की थाली पर बैठकर रसेंद्रीय पर कंट्रोल करना अत्यंत दुष्कर है । उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि कमलेश ने तपस्वी अक्षत मुनि के पारना महोत्सव को संबोधित करते कहा कि रस विजेता विश्व विजेता से बढ़कर होता है रसलोलुपता कर्म बंधन और बीमारियों की खान हैं ।
मुनि कमलेश ने बताया कि भोजन करते समय खट्टा मीठा कड़वा तीखा से ऊपर उठकर समत्वभाव से सेवन करना सबसे बड़ी महान तप साधना का सार है ।
उन्होंने बताया कि खाने के लिए जीना पशु तुल्य है और जीने के लिए खाना वह परमार्थ और साधना के लिए वह उत्तम पुरुष है । राष्ट्र संत ने बताया कि अल्पाहारी सात्विक भोजन करने वाला मानव ही साधना में प्रवेश कर सकता है सफलता प्राप्त कर सकता है । जैन संत ने बताया कि पक्षी भी रात्रि भोजन का त्याग कर देते हैं इंसान को सबक लेनी चाहिए रात्रि भोजन स्वास्थ्य के लिए घातक जहर के समान है विज्ञान ने सिद्ध कर दिया है। अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली के राष्ट्रीय पूर्व कोषाध्यक्ष सागरमल जी चोपड़ा निंबाहेड़ा ने पालन विधि संपन्न करवाई मंच की महिला शाखा की राष्ट्रीय मंत्री कमलेश जैन हैदराबाद सविता जैन दिल्ली मनीष जैन विदिशा दीक्षार्थी बहन चांदनी जैन आशीष सकलेचा महिदपुर दिवाकर मंच युवा शाखा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिनेश श्रीवास्तव विनोद जैन ने विशेष रूप से लाभ लिया । प्रकाश कोठारी ने सभा का संचालन किया ।