संकल्प, समझदारी, सहयोग और समय दान कर शासन रक्षक, सेवक व प्रभावक बने युवा
रतलाम,24 सितंबर। परम पूज्य, प्रज्ञा निधि, युगपुरूष, आचार्य प्रवर 1008 श्री विजयराजजी मसा की निश्रा में शांत क्रांति युवा संघ का दो दिवसीय शिविर लगा। छोटू भाई की बगीची में आयोजित इस शिविर में आचार्यश्री ने युवाओं से संकल्प, समझदारी, सहयोग और समय दान कर शासन रक्षक, शासन सेवक व शासन प्रभावक बनने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी कहते है, युवा कर्मठ हो तो देश की तकदीर बदल जाएगी। युवा अपनी शक्ति को पहचाने और व्यसन मुक्त रहे। इससे उनका परिवार तनाव मुक्त और देश आतंक से मुक्त हो जाएगा।
शिविर में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए 250 युवा भाग ले रहे है। आचार्यश्री ने शिविर के दौरान आयोजित धर्मसभा में प्रेरक मार्गदर्शन देते हुए कहा कि युवा शक्ति आज की राष्ट्र शक्ति है। जिस समाज में युवा जागरूक है, वह समाज अत्यन्त शक्तिशाली है। होटल-वोटल की संस्कृति से आज धर्म शासन रक्षक, सेवक और प्रभावक बनने की जरूरत है। धर्म रक्षक, धर्म सेवक एवं धर्म प्रभावक बनने के लिए सबसे पहले संकल्प होना जरूरी है। दूसरा समझदारी, तीसरा सहयोग और चैथा समय का दान देना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए, जिससे संघ में बिखराव पैदा हो। उनकी शक्ति सृजन में लगना चाहिए। बिखराव, विध्वंस और बदनामी के कामों में कतई नहीं। वर्तमान समय की युवा पीढी में उत्तेजना अधिक होती है, लेकिन धर्म और संघ में उग्रता काम नहीं आती। आचार्यश्री ने सबकों पुण्य के बैंक में खाता खोलने की सीख देते हुए कहा कि दूसरी बैंकों में खाता खोलकर किया गया धन भले ही वक्त पर काम नहीं आए, लेकिन पुण्य का खाता सदैव काम आएगा।
इससे पूर्व उपाध्याय प्रवर श्री जितेशमुनिजी मसा ने आचारंग सूत्र पर प्रकाश डालते हुए पुण्य और पाप की विवेचना की। उन्होंने कहा कि जैसे बिना पेट्रोल के गाडी नहीं चलती, वैसे ही जिदंगी बिना पुण्य के नहीं चल सकती है। महासती श्री इन्दुप्रभाजी मसा ने कहा कि आजकल सबकुछ स्मार्ट हो गया है, लेकिन सोच स्मार्ट नहीं हुई है। संसार में सारे झगडें सोच के कारण ही होते है। इसलिए अपनी सोच को बदलो और अधिक से अधिक तप, त्याग कर आत्म कल्याण करो। महासती श्री कनक प्रभाजी मसा ने कहा कि परिवार घडी के समान होना चाहिए। इसमें कांटे छोटे-बडे होते है, लेकिन बारह बजाना होती है, सब एकसाथ हो जाते है। महासती श्री निरूपणाश्रीजी मसा ने स्तवन प्रस्तुत किया।
आचार्यश्री से महासती श्री पारसकंवरजी मसा ने 8 उपवास, श्री इन्दुप्रभाजी मसा ने 6 उपवास और प्रांजल पटवा ने 11 उपवास के प्रत्याख्यान लिए। धर्मसभा में तप आराधना की जय-जयकार करके अनुमोदना की गई। निम्बाहेडा के अभय जारोली ने स्तवन प्रस्तुत की। युवा शिविर के दौरान शांत क्रांति युवा संघ के अध्यक्ष सपन कांकरिया, कार्याध्यक्ष देवेन्द्र बांठिया और महामंत्री निर्विकार रातडिया सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्यगण उपस्थित रहे।