- गायत्री शक्तिपीठ, शंकरगढ़ (डोंगरेधाम) रतलाम पर एक दिवसीय युवा चेतना शिविर सम्पन्न
- गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ देशभर में युवाओं को राष्ट्रनिर्माण में नियोजित करने के लिए कर रहा है कार्यशाला
- वंदनीया माताजी की जन्मशताब्दी वर्ष 2026 हेतु युवाओं में नई योजनाएं और संकल्प उभरे



रतलाम। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वाधान में देशभर में कई संकल्पों एवं विभिन्न आंदोलनों के माध्यम से राष्ट्र की युवा शक्ति को सृजनात्मक शक्ति में परिवर्तित करने लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को गायत्री शक्तिपीठ, शंकरगढ़ रतलाम पर एक दिवसीय युवा चेतना शिविर आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ के प्रांतीय समन्वयक विवेक चौधरी (रतलाम) पश्चिमांचल समन्वयकगण प्रमोद निहाले (देवास) एवं रामस्वरूप मीणा (शाजापुर) मंचासीन रहे। अतिथियों ने जिन्होंने युवा शिविर को संबोधित करते हुए उपस्थित युवाओं एवं परिजनों का उत्साहवर्धन किया। साथ आने वाले समय के लिए नई योजनाओं और संकल्पों पर विस्तार से मार्गदर्शन किया। आयोजन का शुभारंभ वेदमाता गायत्री, परमपूज्य गुरुदेव एवं वंदनीया माताजी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पूजन वंदन के साथ हुआ। इसके पश्चात अतिथियों का मुख्य ट्रस्टी पातीराम शर्मा, जिला समन्वयक दामोदर शर्मा एवं जिला समन्वयक युवा प्रकोष्ठ अर्जुन सिंह चौहान, लालशंकर पाटीदार ने मंगल तिलक कर स्वागत किया। इसके पश्चत अर्जुन सिंह चौहान ने जिले का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया एवं पूज्य गुरुदेव रचित पत्रक (अपने अंग अवयव) का वाचन किया।
प्रारंभिक उदबोधन देते हुए प्रांतीय समन्वयक विवेक चौधरी ने प्रतिभागियों को वर्तमान समय में युवा आंदोलन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सत्कार्य में संलग्न व्यक्तियों की संख्या बल भले ही कम हो, लेकिन संकल्प मजबूत होने चाहिए। अच्छे उद्देश्य के साथ मे कार्य करने वालों के साथ ईश्वरीय संरक्षण होता है। सेवा क्षेत्र में समर्पित भाव से सत्कार्य करने वालों के नाम इतिहास में लिखे जाते है।
शिविर को संबोधित करते हुए प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ के पश्चिमांचल समन्वयक रामस्वरूप मीणा ने गायत्री परिवार युवा आंदोलन के पांच प्रमुख अभियानों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज की युवा शक्ति को सृजनात्मक अभियानों से जोड़ा जाना अत्यावश्यक हैं। जैसे कक्षा बदलने के साथ पाठ्यक्रम बदल जाता है वैसे ही अनुभवी होने पर जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती है। प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ के पश्चिमांचल समन्वयक प्रमोद निहाले ने परम वंदनीया माताजी श्रीमती भगवती देवी शर्मा की जन्म शताब्दी वर्ष 2026 के लिए विशेष कार्य योजना के बारे समझाया। उन्होंने वर्तमान में सोशल मीडिया के सदुपयोग के बारे में प्रेरित करते हुए कहा कि अच्छी बातें और अच्छे कार्य वायरल होने चाहिए। उन्होंने गायत्री परिजनों एवं युवाओं से आह्वान किया कि वे राष्ट्र निर्माण के लिए वे प्रतिदिन समयदान एवं प्रतिमाह अंशदान अवश्य करें। शिविर को समाजसेवा क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले मोहन मुरलीवाला ने युवाओं को सेवा क्षेत्र में भाग लेने के लिए प्रेरित किया एवं रक्तदान संबंधित भ्रांतियों को दूर किया।
शिविर में युवा प्रतिभागी शुभम मेहता ने स्वरचित कविता का पाठ किया तथा रानीसिंग के युवा प्रतिभागी रोहित शर्मा ने शिविर में हुई अनुभूतियों को प्रस्तुत किया। शिविर में गायत्री परिवार के मार्गदर्शन में संचालित होने वाली एक आदर्श बाल संस्कारशाला का शुभारंभ भी किया गया एवं इस बालसंस्कार का संचालिका श्रीमती ऋतु भगत को अभिनंदन किया गया। गायत्री परिवार नगर ट्रस्ट रतलाम के अध्यक्ष पातीराम शर्मा ने आभार व्यक्त किया तथा जिला समन्वयक दामोदर शर्मा ने शान्ति पाठ कर आयोजन का समापन किया। मंचीय आयोजन का सफल संचालन यज्ञाचार्य संस्कार शर्मा ने किया। आयोजन की सफलता में युवा प्रकोष्ठ के सदस्य लालाशंकर पाटीदार बाजनखेड़ा, रोहित शर्मा (गोलू), प्रदीप गुप्ता, परिव्राजक अशोक कुमावत, दीपक साहू, प्रदीपसिंह चौहान, दिव्या साहू, आशीषसिंह चौहान, राहुल शर्मा एडवोकेट, राजेश धाकड़ का का सराहनीय योगदान रहा। शिविर में गायत्री परिवार की शाखा जावरा, उपलाई, रोला, सैलाना, बांगरोद, धमोत्तर, रानीसिंग सहित रतलाम शहर के परिजनों की उपस्थिति रही। शिविर में यह निर्णय लिया गया कि आने वाले समय मे जिले के तहसील एवं ग्रामीण क्षेत्रों में युवा जागरण शिविरों का आयोजन किया जाएगा