स्वार्थ और अहंकार के त्याग से किसी भी समस्या का समाधान निकालना संभव है – राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश

इंदौर महावीर भवन 10 अक्टूबर 2023 । परस्पर विवादों को पूर्वाग्रह और हटा ग्रह को त्याग कर संवादों के माध्यम से ही सुलझाया जा सकता है। उक्त विचार राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने अमीषा पटवा की मास खमन तप अभिनंदन समारोह को संबोधित करते कहा कि टकराव से तनाव पैदा होता है वही अशांति और हिंसा का मूल कारण है। उन्होंने कहा कि स्वार्थ और अहंकार के त्याग से किसी भी समस्या का समाधान निकालना संभव है।संबंधों में कड़वाहट और खटास आ जाए इससे बड़ा और पाप कोई नहीं हो सकता।मुनि कमलेश ने बताया कि हिंसा के मार्ग पर चलकर कोई भी देश जाति तरक्की के मार्ग पर नहीं जा सकती।कोई भी धर्म हिंसा की इजाजत नहीं देता।राष्ट्रसंत ने हमास और इजरायल,रूस और यूक्रेन युद्ध पर गहरी चिंता व्यक्त करते कहा कि हिंसा में निर्दोष जनता मारी जाती।बमों के धमाके से निकलने वाली जहरीली गैसों का प्रभाव इंसान तो क्या पशु-पक्षी सहित प्रकृति पर पड़ता है।जैन संत ने बताया कि युद्ध के भय से लोग दहशत के कारण शारीरिक और मानसिक असाध्य रोगों के शिकार होते हैं। परिवार उजड़ जाते हैं, मासूम बच्चे और माता-बहनें भी इसका शिकार हो जाते हैं।संयुक्त राष्ट्र महासंघ हस्तक्षेप करके युद्ध विराम लागू करें। इसी में सभी पक्षों का भला है।अहिंसा की महाशक्ति ही विश्व को विनाश से बचा सकती है।अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली की ओर से तपस्वी अमिता पटवा की चौविसी कार्यक्रम आयोजित किया।महिला मंडल ने सम्मान किया।संचालन प्रकाश भटेवरा ने किया।