चैत्यपरिपाटी में कनेक्शन, कलेक्शन और करेक्शन के लिए जाना है- आचार्य श्री विजय कुलबोधि सूरीश्वरजी म.सा.

रतलाम। पर्युषण के कर्तव्य स्वरूप सामूहिक चैत्यपरिपाटी रविवार को आचार्य श्री विजय कुलबोधि सूरीश्वरजी म.सा. की निश्रा में होगी। इसके पूर्व शनिवार को आचार्य श्री ने सैलाना वालों की हवेली मोहन टॉकीज में आयोजित प्रवचन में चैत्यपरिपाटी के लक्ष्य की जानकारी दी। उन्होने कहा कि चैत्यपरिपाटी में हमें प्रभु से कनेक्शन, कलेक्शन और करेक्शन के लिए जाना है।
आचार्य श्री ने कहा कि हमारी आत्मा पर दोषों के कितने ही दाग लगे हुए है। हम काम, क्रोध, ईष्या, निंदा, लोभ, अहंकार के गड्ढे में चले जाते जा रहे है, जिस कारण से हमारा प्रभु से कनेक्शन टूट जाता है। इसी कारण से चैत्यपरिपाटी में पहला लक्ष्य यहीं है कि प्रभु के पास इसलिए जाना है, जिससे कि उनसे कनेक्शन हो जाए।
आचार्य श्री ने कहा कि जिसे नरक में भी पूजा करने का भाव आए और मौत के दौरान प्रभु का दर्शन हो जाए इसका मतलब है कि उसका प्रभु से कनेक्शन हो गया है। कनेक्शन के बाद हमें प्रभु के गुणों का कलेक्शन भी करना है। उनके पास गुणों का अक्षय खजाना है। जिनके पास ढेर से गुण है, वह हमारे लिए वंदनीय है।
आचार्य श्री ने कहा कि हमारे जीवन में न जाने कितने ही दोष और दाग है। हम कनेक्शन के लिए प्रभु के पास गए, गुणों का कलेक्शन करने के लिए भी गए लेकिन कभी प्रभु से जीवन में करेेक्शन करने के लिए नहीं गए, हमें करेक्शन के लिए भी जाना चाहिए। इससे हम भव को पार कर सकेंगे।
सामूहिक चैत्यपरिपाटी रविवार को
आचार्य श्री विजय कुलबोधि सूरीश्वरजी म.सा. की निश्रा में पर्युषण के कर्तव्य स्वरूप सामूहिक चैत्यपरिपाटी रविवार, 15 अक्टूबर को प्रातः 6.15 बजे से होगी। आचार्य श्री ने बताया कि जब तक हम पर्युषण पर्व के पांच कर्तव्यों को पूर्ण न कर ले वहां तक पर्वाधिराज की आराधना पूर्ण नहीं होती। इन कर्तव्यों में मुख्य कर्तव्य चैत्यपरिपाटी है। यह राजमल हेमंतकुमार राकेशकुमार भंडारी के गृहआंगण मोहन टॉकीज से प्रारंभ होकर पांच जिनालयों का दर्शन करते हुए बिबड़ोद तीर्थ में पूर्ण होगी। वहां प्रवचन पश्चात सभी की नवकारसी होगी। राजमल भैरूलाल भंडारी, नास्कावाला परिवार इसका लाभार्थी है। श्री देवसूर तपागच्छ चारथुई जैन श्रीसंघ गुजराती उपाश्रय, श्री ऋषभदेवजी केशरीमलजी जैन श्वेताम्बर तीर्थ पेढ़ी ने अधिक से अधिक संख्या में श्रावक-श्राविकाओं से उपस्थित होने का आव्हान किया है।