रतलाम । भारत सरकार द्वारा एक फ्लैगशिप योजना प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना संचालित है। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना में उत्पादन एवं उत्पादकता की वृद्धि के लिए मछवारों, मछली किसानों, युवा, महिला उद्यमियों आदि के लाभ के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की गई है। उक्त योजना का मुख्य उद्देश्य मछली उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि करना, आधारभूत संरचना एवं प्रबंधन के अंतर को कम करना है, मूल्य श्रृंखला का आधुनिकरण एवं सुदृणीकरण, मजबूत मत्स्य पालन प्रबंधन ढांचे की स्थापना, मछवारों का कल्याण एवं मछवारों एवं मत्स्य कृषको की आय दो गुनी करना है।
सहायक संचालक मत्स्योद्योग श्रीमती सोना यादव ने बताया कि विभिन्न योजनाए जिसमें मत्स्य बीज उत्पादन हेतु नए मत्स्य हैचरी की स्थापना, नवीन मत्स्य बीज संवर्धन हेतु रेयरिंग पोखर अथवा तालाब का निर्माण, नवीन तालाब का निर्माण, मिश्रित मत्स्य पालन, पंगेशियस, तिलापिया मछली पालन हेतु इनपुट्स की व्यवस्था, जलाशय में मत्स्य अंगुलिकाओं का संचयन, रंगीन मछली की ब्रीडिंग एवं रियरिंग के लिए इकाई की स्थापना, आर.ए.एस. की स्थापना, पोंड बायोफ्लोक्स, बायोफ्लोक्स की स्थापना, आइस बॉक्स युक्त मोटरसाइकिल, मछली बिक्री हेतु ई-रिक्शा, फिश फीड मिल, प्लांट, मछली किओस्क का निर्माण, थोक मछली बाजार का निर्माण इत्यादि सम्मिलित है। इससे सम्बंधित अधिक जानकारी भारत सरकार राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड की वेब साइट https: //nfdb.gov.in में भी देखी जा सकती है।
उक्त योजना में सम्मिलित गतिविधियों से लाभ लेने हेतु इच्छुक आवेदनकर्ता कार्यालय सहायक संचालक मत्स्योद्योग जिला रतलाम में 31 दिसम्बर 2023 तक आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन कार्यालय की ई-मेल आईडी adfishrat@mp.gov.in पर भी भेजे जा सकते हैं।