शिक्षा का लक्ष्य मात्र डिग्री प्राप्त करना नहीं बल्कि चरित्र निर्माण का होना चाहिए – राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश

बड़वाह निर्मल विद्यापीठ 12 दिसंबर 2023 । संस्कार रहित शिक्षा जीवन में विपत्ति संकट परेशानी पैदा करके अभिशाप बन सकती है उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने निर्मल विद्यापीठ में विद्यार्थियों एवं अध्यापकों को संयुक्त संबोधन में कहा कि शिक्षा का लक्ष्य मात्र डिग्री प्राप्त करना नहीं बल्कि चरित्र निर्माण का होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि संस्कृति की रक्षा ही धर्म और परमात्मा की रक्षा के समान है संस्कृति से संस्कारों का निर्माण होता है जो जन्म जन्मांतर तक काम आता है। मुनि कमलेश ने बताया कि पुस्तकीय ज्ञान के साथ आध्यात्मिकता के अनुभव ज्ञान का समावेश कर दिया जाए तो जीवन तीर्थ बन जाएगा।
राष्ट्र संत ने कहा कि बालक गीली मिट्टी के समान होता है उन्हें चाहे जैसा आकार दिया जा सकता है । जैन संत ने कहा कि पैतृक संस्कार अमिट होते हैं वह जीवन विकास में ऑक्सीजन से महत्वपूर्ण है।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली युवा शाखा मध्य प्रदेश के उपाध्यक्ष प्रतीक जैन ने बताया कि 2013 मैं मुनि कमलेश बड़वाह से बिहार करके सनावद पहुंच गए थे। हमारे दादाजी श्री केसरीमल जी बोहरा राष्ट्र संतके अनन्य भक्त थे उस समय वह इंदौर में थे उन्हें पता चला गुरुदेव चले गए वापस बड़वाह लाने के लिए धरती पर लेट गए आपको चलना पड़ेगा आप जो कहो कि वह करूंगा। गुरुदेव को वापस लाएं 5 एकड़ जमीन में स्कूल का शिलान्यास किया। आज स्कूल में 60 कमरे और करीब 1600 विद्यार्थी गुरुदेव के आशीर्वाद से हैं। एक प्रतीक श्री जैन दिवाकर गुरु कमल नामकरण करके गुरु चरणों में भेट देने की भावना है। बड़वाह श्री संघ ने गौशाला का संकल्प लिया।