खातरमहल में गुणानुवाद एवं श्रद्धाजंलि सभा का आयोजन

चित्तौड़गढ़, 17 दिसम्बर। श्रमण संघीय उप प्रवर्तक डॉ. सुभाषमुनिजी ‘सुमन’ के देवलोकगमन पर रविवार को श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संस्थान चित्तौड़गढ़ द्वारा खातरमहल में गुणानुवाद एवं श्रद्धाजंलि सभा का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न वक्ताओं ने पूज्य सुभाषमुनिजी म.सा. के प्रति मन के भाव व्यक्त करते हुए उनके देवलोेकगमन को संघ-समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि सहज, सरल संयम जीवन जीने वाले डॉ. सुभाषमुनिजी म.सा. ने हमेशा लोगों को भगवान महावीर के बताए पथ पर चलते हुए आत्मकल्याण की प्रेरणा प्रदान की। सरल ह्दय के धनी कवि व लेखक डॉ. सुभाष मुनिजी म.सा. से हमेशा जीवन के लिए अनुकरणीय सीख मिली। उनका जीवन दया से ओतप्रोत होकर भटके हुए प्राणियों को सन्मार्ग दिखाने वाला था। कई वक्ताओं ने कहा कि उनका जाना दिवाकर सम्प्रदाय के लिए अपूरणीय क्षति है जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। दिवाकर सम्प्रदाय से सर्वप्रथम पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने वाले संत सुभाषमुनिजी की श्रमण संघ के लिए प्रदान सेवाएं कभी भूलाई नहीं जा सकेगी। श्रद्धांजलि सभा में श्रीसंघ के अध्यक्ष अशोक मेहता, मंत्री सुनील बोहरा, उपाध्यक्ष अजीत नाहर, ओसवाल संघ अध्यक्ष ऋषभ सुराणा, अंबेश सेवा समिति उपाध्यक्ष रतनलाल मारू, जैन दिवाकर महिला परिषद अध्यक्ष अंगूरबाला भड़कत्या, जैन दिवाकर मंच अध्यक्ष संगीता चीपड़ आदि ने विचार व्यक्त करते हुए भावाजंलि अर्पित की। सभा के शुरू मं सामूहिक नवकार महामंत्र का जाप करने के साथ चार लोगस्स का भी ध्यान किया गया। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से चित्तौड़गढ़ शहर के उपनगर सेंती के दिवाकर स्वाध्याय भवन में विराजित पूज्य सुभाषमुनिजी म.सा. का 13 दिसम्बर को अहमदाबाद में उपचार के दौरान देवलोकगमन हो गया था।