


कसरावद जैन दिवाकर गुरु कमल पक्ष बिहार तहसील कार्यालय 19 दिसंबर 2023 । पर्यावरण की रक्षा में प्रत्येक प्राणी का योगदान ऑक्सीजन से महत्वपूर्ण है उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने जैन दिवाकर गुरु कमल पक्षी विहार उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी प्राणी के साथ छेड़छाड़ करना अपने पांव पर अपने हाथों कुल्हाड़ी मरने के समान है।
उन्होंने कहा कि मानव स्वार्थ और विलासिता में डूबकर राक्षस बनकर प्रकृति पर क हर बरपा कर भूकंप अतिवृष्टि अनावृष्टि सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदा को खुला निमंत्रण दे रहा है।
मुनि कमलेश ने बताया कि मानव अपने कृत्य से प्रकृति को बर्बाद कर रहा है और इसे देवकृत प्रकोप बताकर देव को बदनाम कर रहा है। राष्ट्र संत ने कहा कि धर्माचार्य को मिलकर उपासना पद्धति का पर्यावरण की रक्षा को ध्यान में रखकर नया स्वरूप प्रदान करना होगा। जैन संत ने कहां की प्रकृति का कोई विकल्प नहीं है सरकार और विज्ञान भी इसका निर्माण नहीं कर सकती हीरे पर निर्माणी माणक मोती से भी अनमोल है।
न्यायाधीश विवेक जैन ने कहा कि पर्यावरण परमात्मा से बढ़कर है भारतीय संस्कृति में जल वृक्ष पहाड़ और नदियों को देव तुल्य माना है देवता की भांति इनकी रक्षा का संकल्प भी हमें लेना है।
नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि राजेंद्र यादव ने राष्ट्र संत का अभिनंदन करते हुए क्षेत्र परिसर में घूमने वाली गायों की रक्षा का संकल्प लिया। स्वर्गीय छगन लाल जी लुनिया की स्मृति में संजय सचिन आदिश लुनिया द्वारा जैन दिवाकर गुरु कमल पक्षी विहार का निर्माण किया । जिसका उद्घाटन न्यायाधीश विवेक जैन ने किया मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि अखिल भारतीय विचार मंच नई दिल्ली महिला शाखा मध्य प्रदेश की उपाध्यक्ष के रूप में नमिता लूनिया को नियुक्त किया गया तथा नमिता लुनिया ने आभार व्यक्त किया। 20 दिसंबर का प्रवचन प्रातः 9:30 बजे न्यायालय के न्यायाधीश जी ने अपनी ओर से आयोजित किया गया है।