
जावरा (अभय सुराणा)। जन्म मरण परण यह सब कुछ परमपिता परमेश्वर के हाथों में होता है जिसका जन्म हुआ है उसका मरण भी एक दिन निश्चित है यह सब विधि का विधान है जिसे कोई नहीं टाल सकता आदमी अपने कर्मों से अपने अच्छे व्यवहार से एक अपनी अमिट छाप छोड़ जाता है कुछ बिरला होते हैं जो अपने व्यवहार अपने आचरण से लोगों के बीच में अपनी विशिष्ट पहचान बना लेते हैं ऐसी ही लुक्कड परिवार की वरिष्ठ 82 वर्षीय श्रीमती मधुबाला लुक्कड का निधन समाज परिवार के लिए एक अपुरणीय क्षती है। श्रीमति लुक्कड जो की सभी के बीच मम्मी जी के नाम से लोकप्रिय थी अपने कार्य कुशलता व्यावहारिकता से लगातार सभी के लिए मदद करने के हेतु तत्पर रहती थी।आपका अंतिम संस्कार शांतिवन चौपाटी पर किया गया। आपको मुखाग्नि आपके पुत्र संजय लूक्कड, पंकज लुक्कड, पोत्र अनमोल एवं शुभम लुक्कड के साथ परिवारजनो ने मुखाग्नि दी।