




राजगुरु नगर (खेड/पुणे)। परोपकार सम्राट मोहनखेडा तीर्थ विकास प्रेरक आचार्यदेव श्रीमद्विजय ऋषभचंद्र सूरीश्वरजी म.सा.के आज्ञानुवर्ती एवं शिष्य प.पू.प्रवचनदक्ष मुनिप्रवर श्री रजतचंद विजयजी म.सा.पू.मुनिश्री प्रीतियश विजयजी म.सा आदि ठाणा की पावन निश्रा में राजगुरु नगर (खेड)पुणे जिला के इतिहास में सर्वप्रथम बार श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ भगवान के अट्ठम तपाराधना का भव्यतम आयोजन धुमधाम से चिरस्मरणीय सानंद सम्पन्न हुआ । प्रथम दिन श्री पार्श्वनाथ दादा का चित्र ,श्री राजेन्द्र सुरिजी म.सा का चित्र एवं श्री ऋषभचंद्र सूरिजी म.सा.के चित्र की स्थापना धर्मनिष्ठा सुश्राविका पुष्पाबेन जवेरचंदजी ओसवाल द्वारा की गई। ओजस्वी वक्ता प्रवचनकार मुनिप्रवर श्री रजतचंद्र विजयी म.सा ने त्रिदिवसीय पार्श्व महिमा का वर्णन करते हुए बताया पार्श्वनाथ प्रभु की आराधना पर से परम की ओर व स्वार्थ से परमार्थ तक ले जाती है । प्रभु का जाप, पाप को हरता है। उपासना से वासना खत्म होती है। पारस नाम द्वारा मोक्ष रस को पाकर मानव जीवन साफल्य करना है। श्री रजतचंद्र विजयजी ने श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ दादा की महिमा तीर्थ का इतिहाथ एवं 108 नाम का अर्थ व इतिहास वर्णन कर सभी को प्रवचन रसीक बनाया। आराधना के अंतर्गत दुसरे दिन आचार्य भगवंत श्री वैराग्यरत्न सागरजी म.सा.ठाणा 2 भी पधारे। संतो का मिलन हुआ। आचार्य श्री ने भी पार्श्व महिमा पर प्रकाश डाला। मुनिश्री प्रीतियश विजयजी ने भी कहाँ पार्श्व आराधना से जीवन में शांति व शाक्ति मिलती है।आराधना के अन्तर्गत प्रतिदिन प्रभावी प्रवचन हुए।
इनको मिला लाभ जिनालय में होने वाले प्रातःअभिषेक में पहले दिन मुनि सुव्रतस्वामीजी का शक्रस्तव महाअभिषेक पुष्पाबेन जवेरचन्दजी ओसवाल को मिला एवं परेशभाई रमेशकांत शाह को श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ दादा का लाभ मिला।
दूसरे दिन- शांतिधारा महाभिषेक का लाभ – श्री दलीचंदजी ओसवाल को मुनि सुव्रतस्वामी भगवान का एवं पुष्पाबेन जवेरचन्दजी ओसवाल को श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ दादा का मिला।
तिसरे दिन – श्री मंत्राधिराज पार्श्वनाथ स्तोत्र एवं बृहद उवस्सग्गहरं स्तोत्र द्वारा हुआ। मुनि सुव्रतस्वामी का लाभ रमेश भाई जवहारमलजी परमार को एवं पारसनाथ भगवान का लाभ सतीश भाई कांतिलालजी राठौड़ को मिला। तीनों दिन अष्टप्रकारी पूजा के लाभ भी बढचढकर श्रद्धालुओं ने लिए। तिनों दिन महाभिषेक के बाद पुष्पों से वधामना भी किया गया।
महोत्सव में निश्रा प्रदाता गुरुदेवश्री की गुरुपूजा एवं भक्ति भावना जिसमें मुंबई के संगीतकार पधारे तथा सभी अट्ठम तपाराधना के तपस्वियों के बहुमान का लाभ धर्मनिष्ठा श्रीमती पुष्पाबेन जवेरचंदजी ओसवाल को मिला। प्रतिदिन प्रभावना अंगरचना भक्ति भावना जप आराधना आदि विशिष्ट कार्यक्रम किए गए।
त्रिदिवसीय महोत्सव के द्वारान् विट्ठलवाड़ी आकुर्डी श्रीसंघ महालुंगा संघ, तलेगांव दाभाड़े संघ पुणे श्रीसंघ एवं आसपास के श्री संघो का आगमन हुआ। ट्रस्ट के अध्यक्ष संजयजी हीराचंदजी राठौर एवं परेशभाई शाह, संदिप भाई शाह, सतीशजी राठोर, किशोरजी शाह, श्रीपालजी ओसवाल, नितिनजी शाह प्रवीणभाई ओसवाल, भरतभाई ओसवाल ने आराधना को सफल बनाया। श्री मुनिसुव्रतस्वामी महिला मंडल त्रिशला महिला मंडल, श्रमणो श्रुत उपासक मंडल ने उत्साह से भाग लिया।