जावरा विधायक डॉ राजेंद्र पांडेय के प्रश्न पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सम्पतिया ऊईके ने जानकारी दी
जावरा/भोपाल (अभय सुराणा)। जावरा विधानसभा क्षेत्र में विगत पांच वर्षों में ग्रामीण क्षेत्र, विद्यालयो व आंगनबाड़ी में पेयजल व्यवस्था हेतु 974 योजनाओं को स्वीकृति देकर कार्य किया गया। क्षेत्र में 56 स्थानों पर बंद नल जल योजनाओं को पुनः स्वीकृति दी गई है।
जावरा विधायक डॉ राजेंद्र पांडेय के प्रश्न पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सम्पतिया ऊईके ने उक्त आशय की जानकारी दी।आपने आगे बताया कि जावरा विधानसभा क्षेत्र में विगत 5 वर्षों में ग्रामीण क्षेत्र में नल जल योजनाओं के साथ ही स्कूलों व आंगनबाड़ी में पेयजल की व्यवस्था की गई।इसके अलावा भूजल स्तर नीचे जाने के कारण स्त्रोत सूख गए जिससे 56 स्थानों पर नल जल योजनाएं बंद हो गई थी,जिन्हें पुनः प्रारम्भ किया गया।आपने आगे बताया कि दुर्घटना से संभावित 76 स्थानों पर बंद पड़े हैंडपंप व नलकूपो के ढक्कन लगाकर बंद किया गया।विधायक डॉ पांडेय के प्रश्न पर ऊईके ने बताया कि जावरा विधानसभा क्षेत्र में 2017 करोड़ की लागत से माही समूह जल प्रदाय योजना स्वीकृत की गई है।जिसका कार्य प्रारंभ किया गया है।इस योजना में जावरा विकासखंड के 75 व पिपलौदा विकासखंड के 90 ग्राम सम्मिलित किये गए है।
विधायक डॉ पांडेय के अन्य प्रश्न पर सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने बताया कि निशक्तजनों व दिव्यांगजनो के कल्याण हेतु शासन 11 विभिन्न योजनाएं संचालित कर रहा है।रतलाम जिले में एक लाख 9 हजार 256 दिव्यांगजनो को सात अलग अलग प्रकार की पेंशन प्रदान की जा रही है।इसके अलावा परिवार सहायता योजना के तहत विगत पांच वर्षों में 1846 को सहायता प्रदान की गई।मानसिक व बहु दिव्यांगजनो को अनुदान सहायता के तहत 5311,दिव्यांगजन दम्पत्ति विवाह सहायता योजना के तहत 83,कल्याणी विवाह सहायता योजना के तहत 22,मुख्यमंत्री कन्या विवाह निकाह योजना के तहत 1899 को लाभ प्रदान किया गया ।गत 5 वर्षों में जिले में दिव्यांगजनो के परीक्षण हेतु 32 स्थानों पर शिविर लगाए गए।इन शिविरों व अन्य आयोजनों में 4441 दिव्यांगजनो को कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण प्रदान किये गए।साथ ही 171 दिव्यांगजनो को मोटोराईज्ड ट्राइसिकल प्रदान की गई।