साधु-साध्वियों के सानिध्य में विराट जैन भगवती दीक्षा महोत्सव सपंन्न




जावरा (अभय सुराणा) । अ.भा. जैन दिवाकर विचार मंच के राष्ट्रीय संगठन मंत्री अभय सुराणा ने बताया कि श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ नासिक के तत्वाधान में आज दो बहनों की दीक्षा का कार्यक्रम संपन्न हुआ । इस अवसर पर राष्ट्र संत श्री कमल मुनि कमलेश ने विराट दीक्षा महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि साधना का उम्र लिंग और जाति से कोई संबंध नहीं है आत्मा उत्थान का जुनून जिसमें सवार हो जाए सच्चा अधिकारी है। जीवन का सच्चा आनंद, त्याग, संयम और साधना में है धन, वैभव, संपत्ति में नहीं। उपाध्याय प्रवर श्री गौतम मुनि जी ने कहा कि दोनों बहने भौतिकवाद के माहौल में संयम ले रही यह किसी चमत्कार से काम नहीं है उप प्रवर्तक श्री प्रमोद मुनि जी उप प्रवर्तक श्री अरुण मुनि जी उप प्रवर्तक श्री सिद्धार्थ मुनि जी उप प्रवर्तक श्री गौरव मुनि जी महासती मधुस्मिता जी महा सती प्रखर वक्ता डॉक्टर अक्षय ज्योति जी अनुष्ठान आराधिका डॉक्टर कुमुद लता जी महासती चारू प्रज्ञा जी ने सभा को संबोधित किया। मेवाड़ गौरव प्रवर्तनी डॉक्टर चंदना जी ने कहा कि दोनों दीक्षार्थी होनहार और प्रतिभावान है शासन प्रभावना में चार चांद लगाएगी। उप प्रवर्तनी महासती महिमा और रिद्धिमा जी ने कहा कि नासिक की धरती पर कुंभ मेला जैन संतों का उसमें दीक्षा की धूम संघ का सौभाग्य है। उपाध्याय प्रवर ने दोनों को दीक्षा प्रदान की। जीव दया संत सेवा, साधर्मी सेवा शिक्षा के लिए लाखों रुपए दान में एकत्रित हुए। वाणी के जादूगर श्री रमणीक मुनि जी के संयम दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ सभी साधु साध्वी हजारों गुरु भक्तों उन्हें बधाई देते हुए उज्जवल भविष्य की मंगल कामना की। नव दीक्षित का नाम अंतिमा जी एवं हिमांशी जी रखा। 23 फरवरी को मखमलाबाद में स्थानक के भूमि पूजन के कार्यक्रम का आयोजन है सभी साधु और साध्वी के सानिध्य में श्री वर्धमान स्थान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ नासिक की ओर से अतिथियों का स्वागत किया गया। अ.भा. श्री जैन दिवाकर संगठन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष शांतिलाल मारु वरिष्ठ मार्गदर्शक अभय सुराणा एवं अन्य पदाधिकारीयों ने दोनों दीक्षार्थी बहनों का दीक्षा के पूर्व स्वागत अभिनंदन किया।