राज्य पेँशनरों ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम दिया ज्ञापन

आम चुनाव की आचार संहिता लागू होने के पूर्व शीघ्र हो ज्वलंत मांगों का निराकरण

रतलाम। प्रदेश के पांच लाख पेंशनर्स अपनी न्यायोचित ज्वलंत मांगों के समाधान हेतु मंत्रियों, सांसदों, विधायकों को ज्ञापन पर ज्ञापन लगातार दे रहे है। परंतु मुख्यमंत्री म.प्र. पेंशनरों की सुध नहीं ले रहे है। विवश होकर संगठन ने पुन: प्रधानमंत्री को हस्तक्षेप करने का सानुरोध निवेदन किया। उप प्रांताध्यक्ष कीर्तिकुमार शर्मा ने बताया कि मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ दोनों सरकारें उपेक्षित हो रहे पेंशनरों की मांगों का टालम टोल कर रही है। अगर आचार संहिता लागू होने पूर्व डी.आर. स्वीकृत नहीं किया तो तीन माह तक और प्रतिक्षा करना पड़ेगी और नो माह का एरियर भी खटाई में पड़ सकता है।
प्रोग्रेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन म.प्र. रतलाम के राज्य पेंशनरों ने जिला कलेक्टर कार्यालय में जोरदार नारेबाजी प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर प्रतिनिधि राजस्व अधिकारी आशीष उपाध्याय को ज्ञापन सौंपा।

प्रमुख मांगे

  • 46 प्रतिशत महंगाई राहत जुलाई 23 से एरियर सहित दी जाएं।
  • म.प्र. छत्तीसगढ़ पुनर्गठन धारा 49(6) अविलंब समाप्त करें।
  • प्रधानमंत्री आयुष्मान स्वास्थ्य योजना से राज्य पेंशनरों को जोड़ा जाएं।
  • स्वास्थ्य बीमा योजना शीघ्र प्रारंभ की जाएं।
  • केन्द्र के समान 1 हजार चिकित्सा भत्ता दिया जाए।
  • सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों के निर्णय नुसार 30 जून एवं 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त पेंशनरों को वार्षिक वेतनवृद्धि का लाभ दिया जाएं।
  • राज्य पेंशनरों को 65 वर्ष की आयु पूर्ण पर 5 प्रतिशत 70 वर्ष की आयु पूर्ण पर 10 प्रतिशत व 75 वर्ष की आयु पूर्ण कर 15 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन राशि में वृद्धि की जाएं।
  • सीनियर सिटीजन-वरिष्ठों के लिए पुन: रेल यात्रा, किराया में 50 प्रतिशत रियायत अर्थात कंसेशन प्रदान की जाएं।

ज्ञापन सौंपते समय संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष एम.एल. भट्ट, सचिव एम.एल. नगावत, उपाध्यक्ष मो. अनवर महिला संयोजक गीता राठौर, प्रवक्ता प्रमोद व्होरा, कोषाध्यक्ष प्रेम बेनावत, तहसील अध्यक्ष हरिश बिंदल, मूलचंद आर्य, एफ.एम. मंसूरी, कांतिलाल दय्या, विजयसिंह सिसौदिया, जगदीश चंद्र चुंडावत, मोहनलाल वर्मा, जी.एस. चंद्रावत, पी.एल. शर्मा, गोपाल चौहान, डी.डी. गोठवाल, पुनमचंद चावला, यशवंत जेठानिया, जयवंत गुप्ते, जितेन्द्रसिंह भूरिया, आर.एस. भार्गव, आर.सी. किहोरी, पी.डी. वैष्णव, क्षमा परिहार, नवरंग सिंह जाट, एल.एन. मेहता, एम.के. पंडित, के.एल. भाटी, ओमप्रकाश पोरवाल, बरकत अली काजी, रणजीतसिंह राठौर, गोपालसिंह परमार, के.के. भट्ट, श्याम सुंदर भाटी, सुधीर बेलसरे, आर.आर. चव्हाण, जी.एस. राठौर, रविन्द्र जोशी, एस.एन. मालवीय, बी.एल. बारोड़ा सदस्यगण उपस्थित थे।