रतलाम । जिले में जारी ग्रीष्म ऋतु के दृष्टिगत कलेक्टर श्री राजेश बाथम ने गुरुवार को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के अन्तर्गत क्रियान्वित नल जल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। कलेक्टर कक्ष में आयोजित बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री अमन वैष्णव, जिला वनमण्डलाधिकारी श्री डी.एस. निगवाल, महाप्रबंधक जल निगम श्री के.एस. कलम, कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री गोविंद भूरिया आदि उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए की ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए जिले के ग्रामीण क्षेत्र में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग पेयजल आपूर्ति पर फोकस करें। किसी भी योजना में किसी तकनीकी त्रुटि के कारण व्यवधान नहीं आये, ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति सतत जारी रहे। जिला कंट्रोल रूम जिले के ग्रामीण क्षेत्र में योजनाओं के संचालन की सतत मॉनिटरिंग करें, विभाग का मैदानी अमला अन्य विभागों से समन्वय के साथ कार्य करें। कलेक्टर द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत विभाग की उन योजनाओं की जानकारी ली गई जिनके पुनरीक्षण के साथ प्रशासकीय स्वीकृति अपेक्षित है।
बताया गया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिला लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा 374 योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, इनमें से 309 योजनाएं पूर्ण कर ली गई है। इनमें से 231 योजनाएं ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित कर दी गई है, प्रगतिरत योजनाओं की संख्या 59 है। इसी प्रकार जल जीवन मिशन के अंतर्गत जल निगम द्वारा गांधी सागर समूह पेयजल योजना, मझोड़िया समूह जलप्रदाय योजना तथा माही ग्रामीण समूह जलप्रदाययोजना पर कार्य किया जा रहा है। माही योजना के तहत जिले के विकासखंड बाजना के 27, सैलाना के 219, पिपलोदा के 90, जावरा के 145 तथा रतलाम विकासखंड के 151 ग्रामों में जल उपलब्ध करवाया जाएगा, योजना का सर्वेक्षण कार्य जारी है। इसी तरह मझोडिया योजना में भी सर्वेक्षण जारी है, इस योजना में बाजना विकासखंड के 193, सैलाना के 18 तथा रतलाम विकासखंड के एक गांव में जल आपूर्ति की जाएगी। शासन की महत्वाकांक्षी गांधीसागर समूह जल प्रदाय योजना के अंतर्गत जिले के विकासखंड आलोट के 191 ग्रामों में जलापूर्ति की जाएगी। आलोट के 11 गांवों में कार्य पूरा हो चुका है।