क्षेत्र शुद्धि के बिना आत्मा शुद्धिकरण का होना असंभव है- राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश

क्षेत्र शुद्धि के बिना आत्मा शुद्धिकरण का होना असंभव है- राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश
अश्विन 17 मार्च 2024 । आत्म साधना के पवित्र वाइब्रेशन के भूमि को छूने मात्र से आत्मा शुद्ध हो जाती है। उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने नव निर्मित स्थानक भवन के उद्घाटन समारोहको संबोधित करते कहां की क्षेत्र शुद्धि के बिना आत्मा शुद्धिकरण का होना असंभव है।
उन्होंने कहा कि साधना मय आत्मा के चरण मात्र से हजारों वर्षों से अपवित्र भूमि भी पवित्र हो जाती है उसमें बैठकर साधना करने से जल्दी सफलता मिलती है। मुनि कमलेश ने बताया कि धन, वैभव, विज्ञान और सरकार के पास ऐसा कोई रसायन नहीं है जो अपवित्र को पवित्र कर सके। यह महापुरुषों के सानिध्य से संभव है। राष्ट्र संत ने बताया कि धर्मस्थल संस्कृति के संस्कारों के भंडार और चरित्र निर्माण के प्रयोगशाला है इतिहास के अनमोल धरोहर है।
महासती सुनंदा जी ने कहा कि त्यागी तपस्वी संत दानवीर और क्रांतिकारी युग पुरुषों की जन्मभूमि पवित्र स्थल है। जैन साधु-साध्वियों के सानिध्य में दानवीर भामाशाह श्रीमान रमन लाल लुकड़ ने जैन स्थानक का उद्घाटन किया। दीक्षार्थी बहन प्रतीक्षा भंडारी की 9 जून की दीक्षा की घोषणा हुई। अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली महिला शाखा राष्ट्रीय अध्यक्ष मंगला भंडारी नासिक ने वीरांगना की क्रांतिकारी विचारों से जनता को परिचय कराया। दिवाकर मंच कीमनीषा बहन योगेश भाऊ चंद्रकांत संचेती करण छाजेड़ साहित प्रतिनिधि मंडल सेवा में उपस्थित हुआ। 18 मार्च को राहुरी होली चातुर्मास अहमदनगर की संभावना है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनता उपस्थित थी।