लोनावला खंडाला जैन स्थानक 29 में 2024 । मंगल भावनाओं का दिल में संचार होगा तो बाहर का अमंगल भी मंगल में परिवर्तित हो जाएगा। उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने संबोधित करते कहा की और भावनाओं में अमंगल होगा तो बाहर का मंगल भी अमंगल हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि वास्तु में मंगल और अमंगल की कल्पना करना शुभ अशुभ मानना गौर अज्ञानता का प्रतीक है भावों के आधार पर ही भविष्य का निर्माण होता है मन चंगा तो कठौती में गंगा। मुनि कमलेश ने बताया कि धर्म रूपी मंगल शाश्वत इसका शरण लेना भाव में स्थान देना धार्मिक व्यक्ति का प्रथम कर्तव्य है द्रव्य मंगल फिर भी अमंगल में परिवर्तित हो सकता है। राष्ट्र संत ने कहा कि संसार में भी शादी के 2 दिन पहले किसी की मृत्यु हो जाए तो भी मंगल काम को समय पर करते हैं तो फिर धार्मिक कार्यों की उपेक्षा क्यों?
उप प्रवर्तक अरुण मुनि जी ने कहा कि अहिंसा संयम और तप रूपी मंगल का जो पालन करता है देव शक्ति उसके चरणों में नमन करती है। अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली युवा शाखा के राष्ट्रीय महामंत्री महावीर जी भंसाली राष्ट्रीय सह मंत्री कमलेश जैन मंदसौर अपने प्रतिनिधि मंडल के साथ मुनि कमलेश की सेवा में उपस्थित हुए। आगमिक कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाई गई 1 जून को राष्ट्र संत लोनावाला से पनवेल के लिए प्रस्थान करेंगे।