समाज सेवी राजकुमार भटनागर नहीं रहे

  • 31 मई को सुबह 10:00 बजे निकलेगी अंतिम यात्रा …….
  • स्वर्णिम भारत मंच द्वारा गधा पुलिया चौराहा पर पुष्पांजलि अर्पित की जायेगी । कायस्थ समाज में शोक की लहर

उज्जैन। समाज सेवी श्री राजकुमार भटनागर के निधन की खबर से स्वर्णिम भारत मंच एवम कायस्थ समाज के कार्यकर्ताओ ने शोक की लहर फैल गई । किसी को यकीन नही हो रहा कि इतना दयावान व्यक्ति अचानक कैसे चला गया । 71 वर्षीय राजकुमार भटनागर को सांस लेने में दिक्कत आ रही थी परिवार जनों ने 28 मई को रात में इंदौर के वेदांता हॉस्पिटल में भर्ती कराया तो कुछ घंटों बाद डॉक्टरों ने जवाब दे दिया श्री भटनागर ने रात 8 बजे अंतिम सांस ली थी । अमेरिका से बेटा बहू शुक्रवार की सुबह उज्जैन पहुंचेंगे । इसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा । श्री भटनागर एक प्रसिद्ध समाज सेवी के रूप में जाने जाते थे । आप स्वर्णिम भारत मंच उज्जैन के संस्थापक सदस्य भी थे साथ ही कायस्थ समाज में इनका बड़ा योगदान रहा । आप प्रसिद्ध चित्रकार स्व श्री ओमप्रकाश भटनागर के ज्येष्ठ पुत्र थे । आपके पीछे पत्नी शशिराज भटनागर ,एक बेटा पीयूष और एक बेटी पल्लवी सहित भरा पूरा परिवार है ।
स्वर्णिम भारत मंच के अध्यक्ष दिनेश श्रीवास्तव ने बताया कि समाजसेवी श्री राजकुमार भटनागर बहुत नेक दिल रखने वाले इंसान थे उनके पास जो भी कोई मदद के लिए आता उनको वो कभी खाली हाथ नहीं भेजते थे । गरीब परिवार की बेटियो के कन्यादान , से लेकर धार्मिक सांस्कृतिक आयोजन में बड़ी रुचि रखते थे ।कोई भी उसको जय श्री राम जरूर बोलते थे । श्री भटनागर स्वर्णिम भारत मंच को अपना परिवार मानते थे । टॉवर चौराहा पर प्रतिवर्ष आयोजित युवा संगम कार्यक्रम के पीछे आपका बहुत बड़ा योगदान था । श्रीवास्तव ने दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि भटनागर जी ने स्वर्णिम भारत मंच के निशुल्क भोजन प्रकल्प हेतु पहला दान दिया था और इस प्रकल्प को निरंतर संचालित कराने के लिए समय समय पर तन मन धन से तत्पर होते थे ।
31 मई को होगा अंतिम संस्कार ……
श्री भटनागर जी की 31 मई को प्रातः 10 बजे रविशंकर नगर से अंतिम यात्रा निकलेगी जो गधा पुलिया पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद शहर से होते हुए चक्रतीर्थ पहुंचेगी । उज्जैन कायस्थ समाज और स्वर्णिम भारत मंच में श्री भटनागर के निधन पर शोक की लहर फैल गई ।