नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के दिये निर्देश
रतलाम 30 मई। अति वृष्टि के दौरान उत्पन्न होने वाली संभावित परिस्थितियों से निपटने एवं आपदा प्रबंधन के लिए निगम स्तर पर की जाने वाली व्यवस्थाओं के संबंध में निगम आयुक्त श्री हिमांशु भट्ट ने निगम मे विभिन्न विभागों के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को पाबंद किया है।
निगम आयुक्त श्री हिमांशु भट्ट ने नगर निगम सीमान्तर्गत अतिवृष्टि अथवा बाढ़ की स्थिति में बचाव व जानमाल की सुरक्षा की दृष्टि से अधिकारी एवं कर्मचारियों के दल का गठन करते हुए बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना फायर स्टेशन कार्यालय पर किये जाने के निर्देश दिये है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष का नोडल अधिकारी श्री ए.पी. सिंह व सहायक नोडल अधिकारी श्री शिवम् गुप्ता को नियुक्त किया है साथ ही दूरभाष क्रमांक 07412-270563 को आपदा हेल्पलाईन निर्धारित करते हुए उपयंत्री श्री अनुराग वेनेडिग्ट व श्री अनमोल डी.एस. निर्मल को नियुक्त किया है। सीवरेज लाईन संबंधी व्यवस्था हेतु श्री देवेन्द्र शर्मा सुपरवाईजर सीवरेज प्रोजेक्ट मोबाईल नम्बर 9179590374 को नियुक्त किया है। स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्था हेतु श्री विजय भाटी को सफाई प्रभारी व प्रत्येक झोन में कर्मचारी नियुक्त किये है।
निगम आयुक्त श्री भट्ट द्वारा दिये गये निर्देशों के तहत् जीर्ण-शीर्ण भवनों को वर्षा ऋतु के पूर्व नोटिस देकर खतरनाक भवनों को चिन्हित किया जाकर भवन स्वामी को नोटिस दिये जाने तथा क्षतिग्रस्त पुलियाओं को चिन्हित कर रेडियम लगाने के निर्देष के साथ जल प्लावन रोकने तथा पानी के बहाव में अवरोध उत्पन्न करने वाले नाला एवं नालियों के अतिक्रमण चिन्हित कर हटाये जाने तथा शहर के नाले नालियों एवं वाल के चेम्बरों पर लगे ढक्कन व फर्सी इत्यादि खुली न रहे इसकी व्यवस्था किये जाने की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग एवं कर्मशाला विभाग को सौंपी है।
अति वृष्टि हेतु 8 आश्रय स्थल बनाये गये है जिसके तहत् गांधीनगर कम्युनिटी हॉल, ईश्वर नगर विद्यालय भवन, शैरानीपुरा जमातखाना, अम्बेडकर मांगलिक भवन पोलोग्राउण्ड, अलकापुरी कम्युनिटी हॉल, धीरजशाह नगर रॉयल हॉल, भवन निर्माण कला केन्द्र बिरियाखेड़ी तथा श्री जैन उ.मा.विद्यालय सागोद रोड है । आश्रय स्थलों के व्यवस्था की जिम्मेदारी उपयंत्री श्री विनोद पाटीदार को सौंपी गई है। जो नियुक्त किये गये कर्मचारियों के सहयोग से समुचित व्यवस्था सुनिश्चित् करेंगे।
आपदा प्रबंधन के उपयोग में आने वाली आवश्यक सामग्री एवं संसाधनों का आंकलन कर उसके भण्डारण की जिम्मेदारी भण्डार रक्षक को सौंपी है साथ ही वर्षा ऋतु में शुद्ध जल की उपलब्धता एवं वितरण के लिये आवश्यक रसायनों की व्यवस्था एवं उपलब्धता तथा पानी निकालने के लिये पम्प आदि की व्यवस्था किये जाने की जिम्मेदारी उपयंत्री श्री सुहास पंडित व श्री बी.एल. चौधरी जलप्रदाय को सौंपी है।
जल की समुचित निकासी एवं व्यवस्थित बहाव के लिए आवश्यक व्यवस्था तथा इस हेतु पृथक से दल गठित करना, वर्षा काल में सड़ी-गली सब्जी-फल आदि के विनिष्टीकरण की कार्यवाही एवं इस हेतु पृथक से दल गठित करना तथा नगर के विभिन्न क्षेत्रो में छोटे एवं बड़े नाले-नालियों की वर्षा पूर्व समुचित सफाई एवं जल एक स्थान पर एकत्रित न हो इसकी व्यवस्था, सार्वजनिक षौचालयों एवं मुत्रालयों की नियमित रूप से साफ-सफाई करवाई जाकर आपदा प्रबंधन के संबंध में आवश्यक संसाधन, कीटनाशक आदि की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी प्र.स्वास्थ्य अधिकारी एवं स्वच्छता निरीक्षकों को सौंपी गई है। इसके अलावा प्रकाश हेतु टार्च, पेट्रोमेक्स, तैराक इत्यादि की व्यवस्था के भी निर्देश संबंधित को दिये है।
इसके अलावा नाले नालियों की सफाई, वर्षा के जल को बड़े नालों में मिलाना, वर्षा का पानी एक स्थान पर एकत्रित होने पर कच्चे नाले-नालियों का निर्माण करना, अतिवृष्टि स्थल पर विद्युत लाईन काटने हेतु दल गठित करना, आपदा की स्थिति में फायर बिग्रेड दल को सुलभ रखना, तैराक की व्यवस्था करने सहित निगम के अन्य वाहनों को कार्यशील अवस्था में रखने के निर्देश संबंधितों को दिये।