परम पूज्य गणिवर्य कल्याण रत्नविजय जी म.सा.का चातुर्मास रतलाम में, चातुर्मास प्रवेश 7 जुलाई को

रतलाम । परम पूज्य गणिवर्य कल्याण रत्नविजय जी म.सा.का इस वर्ष रतलाम में चातुर्मास संपन्न हो रहा है। आपका चातुर्मास हेतु प्रवेश दिनांक 7 जुलाई को होगा। इसके पूर्व रतलाम में विभिन्न क्षेत्रों की कॉलोनियों में आपके प्रभावी प्रवचन चल रहे हैं। आराधना भवन जैन श्रीसंघ के सुश्रावक विजय कुमार कालूराम पितलिया परिवार की भावभीनी विनती पर पूज्य गुरुदेव सामैया के साथ उनके निवास स्थान माली कुआ पर पगलिया करने हेतु पधारे। यहां परिवारजन की श्राविकाओं द्वारा सर पर मंगल कलश रखकर अगवानी की गई। पूरे रास्ते जय जयकार के नारे लगते रहे। सामैया जब गुजराती धर्मशाला के पास से गुजर रहा था तब वहां पर उपस्थित समाजजन एवं प्रमुखजन की विनती पर वहां चल रहे वर्षी तप के 150 तपस्वियों के पारने के अवसर पर हित शिक्षा हेतु पूज्य गुरुदेव कल्याण रत्नविजय जी म.सा. के द्वारा मांगलिक श्रवण कराई गई। बाद में सामैया माली कुआ धर्मशाला पहुंचकर धर्म सभा में परिवर्तित हुआ। जहां गुरुदेव कल्याण रत्नविजय जी महाराज ने फरमाया कि वास्तविकता के चिंतन से मान दूर होता है। हमें हमारे स्तर का ज्ञान हो जाएगा तो अभिमान कभी नहीं आएगा। हमें हमेशा दूसरों का कर्तव्य क्या है, यह नहीं देखना चाहिए बल्कि हमारा क्या कर्तव्य है उस पर हमारा ध्यान रखना चाहिए। हमें हमेशा उचित व्यवहार करने की जरूरत है। उससे स्वयं की आत्मा स्वस्थ रहती है। अगर हम मान रखते हैं तो फिर जहां भी जाएंगे अपनी जिम्मेदारी अच्छे से निभा नहीं पाएंगे। हमें अपनी स्वयं की प्रशंसा कभी नहीं करनी चाहिए और दूसरों की निंदा नहीं करना चाहिए। छोटे से छोटे व्यक्ति की बात को सुनना आवश्यक है। देव, गुरु और धर्म को पहचानना है, तो उनके सेवक बनकर अपनी पहचान देना है। इस अवसर पर अशोक लुनिया, हिम्मत गेलड़ा, पप्पू मुंबई वाला, राजेश गांधी ,अमृत जैन, विनोद मूणत, विजय पितलिया, संजय भंडारी, पारस सकलेचा, कांतिलाल बरमेचा, मुन्ना सकलेचा, प्रदीप डांगी, जयंतीलाल कटारिया, नरेंद्र घी वाला, अमित कोठारी, नरेंद्र बनवट, राजेश मेर आदि बड़ी संख्या में समाज जन उपस्थित रहे।
आराधना भवन जैन संघ अध्यक्ष अशोक लुनिया, सचिव हिम्मत गेलड़ा ने बताया कि संत नगर जैन श्री संघ की विनती पूज्य गुरुदेव ने स्वीकार कर ली है। पूज्य गुरुदेव कल्याण रत्नविजय जी म.सा. के 21 से 23 जून तक प्रवचन मानस भवन त्रिवेणी रोड पर प्रात 9 से 10 बजे तक संपन्न होंगे। 21 जून की सुबह 6:30 बजे गुजराती मंदिर से गुरुदेव सामैया के साथ तेजा नगर , शुभम रेसिडेंसी होते हुए संत नगर पधारेंगे, जहां पर प्रवचन कराने का सम्पूर्ण लाभ हुकमचंद सोभागमल कटारिया (करेनीवाला) परिवार द्वारा लिया गया है।
आपने सभी से धर्म लाभ लेने की विनती की है।

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