रतलाम। आराधना भवन जैन श्री संघ के चातुर्मास हेतु परम पूज्य गणिवर्य कल्याण रत्नविजय जी म.सा. (57 साधु एवं 26 साध्वी जी) के विशाल परिवार के साथ रतलाम पधार चुके हैं। 7 जुलाई को आपका चातुर्मासिक भव्य प्रवेश से पूर्व रतलाम के विभिन्न क्षेत्रों में आपके प्रवचन चल रहे हैं। संत नगर मानस भवन त्रिवेणी रोड पर “माया” के ऊपर आपके प्रभावी प्रवचन चल रहे हैं। आपने फ़रमाया कि व्यक्ति द्वारा माया के कारण थकान आती है। तनाव एवं भय बना रहता है एवं चिड़चिड़ापन आ जाता है। तनाव आने से शक्ति का विकास अवरुद्ध हो जाता है। अपराध करने के साथ माया आएगी ही। अतः कोई भी कार्य करने के पूर्व उसका अंत क्या होगा ? उसे पहले सोच लेना चाहिए। आपने बताया कि क्रोध साधना को जला देता है । मान साधना को भ्रष्ट कर देता है एवं माया साधना में प्रवेश ही नहीं करने देती है। हमें हमेशा अपने स्वदोषों को देखना चाहिए। हमें आत्म अवलोकन करने करते हुए आत्मा की कीमत पहचानना चाहिए। इस अवसर पर नरेंद्र बनवट, हेमंत मेहता, योगेंद्र जैन, सुमित जैन, सुमित भटेवरा, सुमित तलेरा, मोनू जगावत, राजेश मेर, विनोद चंडालिया, अक्षय लुनिया आदि बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे। प्रभावना का लाभ संत नगर जैन श्री संघ द्वारा लिया गया।
आराधना भवन जैन श्री संघ अध्यक्ष अशोक लुनिया एवं सचिव हिम्मत गेलड़ा ने बताया कि पूज्य गुरुदेव कल्याण रत्नविजय जी म.सा. 28 जून शनिवार को संत नगर से विहार कर प्रातः 6:30 बजे सामैया के साथ चांदनी चौक से लक्कड़ पीठा, बाजना बस स्टैंड होते हुए दीनदयाल नगर श्री सांई रेजीडेंसी में निलेश राजेंद्र कुमार कटारिया परिवार के निवास पर पगलिया हेतु पधारेंगे। तत्पश्चात 28 एवं 29 जून को प्रातः 9 से 10 बजे तक बुद्धेश्वर हाल टाटानगर पर पूज्य गुरुदेव के “लोभ” विषय पर प्रवचन होंगे। कटारिया परिवार ने सभी से धर्म लाभ लेने हेतु अनुरोध किया है।