चार्तुमासिक प्रवेश 17 जुलाई बुधवार को शुभ लाभ परिसर श्री कोचट्टा के निवास से प्रात: 9 बजे दिवाकर भवन पर भव्य मंगल प्रवेश रहेगा
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जावरा (अभय सुराणा) । जावरा की पावन धरा पर पधारे ध्यान योगी आगम ज्ञाता श्री विकसित मुनि जी म.सा.नवकार आराधक श्री वीतरागमुनि जी म.सा.दिनाक 11 जुलाई को अरिहंत कोल्ड स्टोरेज से विहार कर चौपाटी स्थित शंखेश्वर पार्श्वनाथ मंदिर पर पधारे। प्रातः धर्मसभा का आयोजन किया गया। जिसको संबोधित करते हुए विकसित मुनि जी म.सा.ने फ़रमाया की जिसने एक को जान लिया उसने सबको जान लिया और जिसने सबको जाना है उसने किसी को नहीं जाना जो बाहर है वह केवल जानकारी है और जो भीतर है वह ज्ञान है जानकारी समय के साथ समाप्त हो जाती है ज्ञान जन्मो तक साथ रहता है दुनिया में अशांति का कारण है जर, जोरू, जमीन | उदहारण के माध्यम से समझाते हुए आपने बताया कि आज वर्त्तमान में थोड़ी सी जमीन भी कोई किसी को नहीं देना चाहता है जबकि यह सबको मालूम है जो कल किसी का था आज किसी और का है और कल किसी और का होगा यह जानते हुए भी हम लड़ते झगड़ते है यदि हम धर्मं के मार्ग पर चलते है तो हमारा मार्ग सही दिशा में चलेगा नहीं तो हम भटक जायेगे झगडा दो के बीच नहीं होता जब तक तीसरा उनके अहंकार को नहीं भड़काता इसलिए हमें तीसरे की बात पर निर्भर नहीं रहते हुए अपने विवेक को जागृत रखना चाहिए। उपरोक्त जानकारी चार्तुमास समिति अध्यक्ष पुखराज कोचट्टा महामंत्री महावीर छाजेड़ ने बताया की दिनाक 13 जुलाई के प्रवचन भी शंखेश्वर पार्श्वनाथ पर रहेगे। दिनाक 14 से 16 जुलाई तक प्रवचन मनमोहन पार्श्वनाथ मंदिर परिसर पर रखे गये है। चार्तुमासिक प्रवेश 17 जुलाई बुधवार को शुभ लाभ परिसर कोचट्टा के निवास से प्रात: 9 बजे दिवाकर भवन दिवाकर मार्ग पर भव्य मंगल प्रवेश रहेगा । आथित्य सत्कार का लाभ संजय कुमार मांगीलाल टुकडिया परिवार ने लिया। प्रवचन की प्रभावना का लाभ श्री जैन दिवाकर महिला मंडल चौपाटी द्वारा लिया गया। धर्मसभा का संचालन श्रीसंघ महामंत्री महावीर छाजेड़ ने किया आभार वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओमजी श्रीमाल ने माना।