श्री सौभाग्य तीर्थ में उमडा गुरू भक्तों का सैलाब





रतलाम 29 जुलाई। सागोद रोड स्थित श्री सौभाग्य तीर्थ में सोमवार को गुरू भक्तों का सैलाब उमडा। अवसर था मालव केसरी, जैन सुधाकर, श्रमण संघ के मूर्धन्य सूत्रधार, पुज्य गुरूदेव श्री सौभाग्यमलजी म.सा. का 40 वां पुण्य स्मृति दिवस। मालव भूषण पंडित रत्न श्री महेन्द्र मुनिजी मसा के सानिध्य में इस मौके पर विभिन्न आयोजन हुए। गुणानुवाद सभा में प्रमुख वक्ता मोटिवेशनल स्पीकर प्रो रुचिरा सुराना जैन (मुंबई ) ने गुरू सौभाग्य के प्रति हमेशा ऐसी श्रद्धा बनाए रखने का आव्हान करते हुए कहा कि संत का हर क्षण महोत्सव होता है।
मालव केसरीजी के 40 वें पुण्य स्मृति दिवस पर सुबह श्री सौभाग्य तीर्थ, श्री धर्मदास जैन मित्र मण्डल ट्रस्ट,श्री सौभाग्य जैन साधना एवं जनकल्याण परिसर, श्री सौभाग्य जैन नवयुवक मण्डल, श्री सौभाग्य प्रकाश भक्त मण्डल, श्री सौभाग्य जैन महिला मण्डल, बालिका व बालक मण्डल के तत्वावधान में नोलाईपुरा से विशाल चल समारोह निकला, जो प्रमुख मार्गों से होते हुए सागोद रोड स्थित श्री सौभाग्य तीर्थ पहुंचकर सभा में परिवर्तित हो गया। तीर्थ परिसर में पहले जाप, फिर श्री सौभाग्य चालीसा का पाठ हुई। इसके बाद में नासिक के समाजसेवी शीतल भंडारी की अध्यक्षता में गुणानुवाद सभा हुई।
गुणानुवाद सभा में जैन कांफ्रेंस नई दिल्ली की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मोटिवेशनल स्पीकर प्रो रुचिरा सुराना जैन (मुंबई ) ने मालव केसरी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे बहुत पुण्यवान आत्मा थे। उन्होंने सबका कल्याण किया। वे सदैव सीखने की भूमिका में रहते और कभी संयम नहीं खोते थे। उन्होंने रतलाम और मुंबई में 13-13 चातुर्मास कर धर्म की प्रभावना की। उनके आदर्शों पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। सभा को विनोद मूथा, गुरू सौभाग्य तीर्थ को गोल्डन बुक आॅफ वल्र्ड रिकार्ड में दर्ज कराने वाली मुंबई की ललिता बेन, तीर्थ के पूर्व अध्यक्ष सुरेन्द्र गादिया एवं लिमडी गुजरात के हंसमुख गोलेचा आदि ने भी संबोधित किया।
आरंभ में स्वागत भाषण तीर्थ अध्यक्ष कन्हैयालाल गांधी ने दिया। पूर्व श्री संघ अध्यक्ष प्रकाश मूणत ने बाहर से आए सभी अतिथियों का परिचय दिया। बामनिया के भंवरलाल बाफना ने भाव व्यक्त किए। सभा में नासिक रोड के समाजसेवी संजय बरलोटा एवं अणुव्रत सेवी प्रो. ललीता बी जोगड़ अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। पूण्य स्मृति दिवस पर नासिक, नासिक रोड, पूना, वसंतपीपल गांव, धूिलया, मुंबई, नागदा, खाचरौद, सैलाना, थांदला, रतलाम, उज्जैन बदनावर, झाबुआ, लिमडी, जावरा, बडनगर, बदनावर सहित प्रदेश के विभिन्न स्थानों, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ निमाड़ एवं डूंगर के गुरूभक्तों ने रतलाम आकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कई गुरूभक्तों ने तीर्थ परिसर को दान राशि देने की घोषणा की। संचालन रखब चत्तर एवं सौरभ मूणत ने किया। आभार प्रदर्शन संदीप चैरडिया द्वारा किया गया।
इस दौरान समाजसेवी श्री सौभाग्य जैन युवक संघ के अध्यक्ष मनीष मंडलेचा, मंत्री महेंद्र गंग महिला मंडल अध्यक्ष कांता चैरडिया,मंत्री कुसुम पितलिया,बहु मंडल अध्यक्ष मोना बोरदिया, मंत्री सीमा मूणत सौभाग्य प्रकाश युवक मंडल अध्यक्ष हर्ष मूणत एवं मंत्री केतन गाँधी, निलेश मेहता, राजेश बोरदिया सहित श्री धर्मदास जैन मित्र मण्डल ट्रस्ट श्री सौभाग्य जैन साधना एवं जनकल्याण परिसर, श्री सौभाग्य जैन नवयुवक मण्डल, श्री सौभाग्य प्रकाश भक्त मण्डल, श्री सौभाग्य जैन महिला मण्डल, बालिका व बालक मण्डल के सदस्य एवं बडी संख्या में गुरूभक्त उपस्थित रहे।
तप और त्याग से गुरू भक्ति
मालव केसरी के 40 वें पूण्य स्मृति दिवस पर कई गुरू भक्तों ने तप और त्याग कर गुरू भक्ति का परिचय दिया। तीर्थ परिसर की और से 9 एवं 10 उपवास करने वाले पारसमल छाजेड, निकिता अंाचल मूणत, परिधी विनित पितलिया, जयश्री निलेश सेलोत एवं समीक्षा किर्ती दख का बहुमान किया गया। इस मौके पर 200 से अधिक लोगों ने एकासना के प्रत्याख्यान लिए। सभी एकासना करने वाले की प्रभावना डाडमबाई सुजानमल-बाबुलाल मेहता परिवार ने तथा श्रद्धालुओं की प्रभावना आशा बहन-संजय कुमार दर्शन एवं तेजस बरलोटा परिवार द्वारा दी गई।