पूर्ण समाधि भावों के साथ आत्मा से परमात्मा का गण हो गया

रतलाम । श्री साधुमार्गी जैन संघ रतलाम समता सदन घास बाजार पर विराजित आचार्य श्री रामलालजी म सा एवं उपाध्याय प्रवर श्री राजेश मुनि जी म.सा. की आज्ञानुवर्ति महासती सुभद्रा श्री जी म. सा. का 6 दिन पूर्व का संथारा सीज कर पंडित मरण प्रातः 6.25 पर हो गया । इस अवसर पर जानकारी देते हुए संघ के श्री प्रीतेश गादिया ने बताया कि आपका जन्म बीकानेर की धन्य धरा पर हुआ था आपने आज से ठीक 44 वर्ष पूर्व राजस्थान के राणावास में समता विभूति आचार्य श्री नानालाल जी महाराज साहब के मुखारविंद से जैन भागवती दीक्षा ग्रहण की थी पांच महारथों की पालना के साथ तप अनुष्ठान से अपने तन को तपाया । उपवास बेला तेला अट्ठाइ 11 मासक्षमण तक की तपस्या के साथ लगभग 22 वर्षीतप की कठोर तपस्या पूर्ण की तपस्या के साथ-साथ अपने सेवा धर्म का अनुपम उदाहरण उपस्थित किया। पिछले कुछ दिनों से आपका स्वास्थ्य अनुकूल नहीं था आपकी आत्मा को जाने का आभास हो गया था अतः आपने इच्छापूर्वक जीद करके पिछली 9 अगस्त को पूर्ण सजगता के साथ अंतिम मनोरथ के रूप में चोविहार संथारा ग्रहण किया आपकी पुण्य वाणी बहुत प्रबल थी संथारे के दौरान नगर में चातुर्मास हेतु विराजीत सभी संप्रदाय एवं पंथ के साधु भगवन एवं साध्वी भगवंत के सानिध्य धर्म श्रवण का लाभ आपको प्राप्त हुआ । सभी से सुख साता पूछने का बिरला अवसर प्राप्त हुआ ।
इस अवसर पर संघ अध्यक्ष कांतिलाल छाजेड़, मंत्री अशोक पिरोदिया, पूर्व अध्यक्ष मदनलाल कटारिया, चंदनमल पिरोदिया बाबूलाल सेठिया चंदनमल छाजेड़, ललित कोठारी, निर्मल लूनिया, निर्मल मूणत, रमेश कटारिया, प्रसनजीत बोहरा, राजेश बोहरा, कमल पिरोदिया, प्रकाश नांदेचा, सुनील कोठारी, रवि कटारिया, सुमित कटारिया, विकास छाजेड़, शीतल कोठारी, अतुल बाफना, बहु मंडल अध्यक्ष किरण चंडालिया सुधा बोहरा, युवा संघ से अर्पित गांधी, अर्पित बाफना, बहु मंडल से सोनाली गोरेचा, रिंकू कोठारी, बालक मंडल, अनंत कोठारी, बालिका मंडल से परी लसोड़, इशिता चोपड़ा आदि संख्या में अन्य संस्थाओं एवं संघो के श्रावक श्राविका उपस्थित थे ।