
आदीश कुमार जैन
अनेकों संस्थाओं से जुड़े , अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन परिषद पदाधिकारी मंडल में संयोजक भाई श्री स्वराज जैन (टाइम्स ऑफ इंडिया) के अनुज भ्राता, सदाचारी, धार्मिक और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी श्री अनिल जैन का आकस्मिक निधन हो गया। वे गांधी नगर, दिल्ली में अपने भाई जिनेन्द्र जैन ‘जेडी’ (जे. डी. वियर) के साथ रेडीमेड कपड़ों का व्यापार करते थे । सम्पूर्ण परिषद परिवार की ओर से डॉ. जीवनलाल जैन, राष्ट्रीय अध्यक्ष, चक्रेश जैन, कार्याध्यक्ष, अनिल पारसदास जैन (नेपाल), राष्ट्रीय महामंत्री, ए. के. जैन, राष्ट्रीय कोषध्यक्ष ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि 62 वर्षीय भाई अनिल जी बहुत ही सरल विचारधारा के व्यक्ति थे। उनके जाने से समाज को भारी क्षति हुई है जिसकी भरपाई असंभव है। आप मुनि ज्ञानसागर जी महाराज के परमभक्त थे, धर्म एवं समाज में अटूट श्रद्धा थी। आपके द्वारा धर्म एवं समाज के लिए की गई सेवाएं अनुकरणीय रहेंगी। आचार्य ज्ञानसागर इंटरफैथ फाउंडेशन के राष्ट्रीय संयोजक आदीश कुमार जैन ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि अनिल जी को संस्कार अपने पिता, जैन दर्शन में नयवाद के प्रख्यात विद्वान स्व. पंडित सुखनंदन लाल जैन और अपनी प्रतिमाधारी माता स्व. श्रीमती कपूरी देवी जैन मिले।
अखिल भारतवर्षीय बुंदेलखंड साहित्य एवं संस्कृति परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पद्मश्री कैलाश मढबैया, पत्रकार संघ के संस्थापक भूपेंद्र जैन, हुकुम चंद पवैया, ललितपुर, राकेश जैन, लुधियाना, दैनिक विश्व परिवार, झांसी के श्री प्रवीन जैन, रायपुर से श्री प्रदीप जैन, बुंदेलखंड विकास परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री अवधेश चौबे, कायस्थ महासभा के महामंत्री विनय खरे ने भी अपनी शोक संवेदनाएं और श्रद्धांजलि दी।
श्री दिगम्बर जैन मंदिर, कृष्णा नगर में हुई श्रद्धांजलि सभा में समाज एवं मंदिर समिति की ओर से जे. के. जैन और महेश जैन (अध्यक्ष) ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अनिल जी के सदाचारी, धार्मिक और मिलनसार व्यक्तित्व की सराहना की। पंडित अखिलेश शास्त्री ने कहा कि यही धर्म और सत्कर्म हैं जो आत्मा के साथ रहते हैं। कन्नड़, संस्कृत और प्राकृत के मनीषी विद्वान पंडित जय कुमार जैन ‘उपाध्याय’ ने अनिल जी जैसे सत्कर्मियों की मृत्यु को शोक का विषय नहीं मानकर कहा कि विछोह का दुःख तो स्वाभाविक है, किन्तु एक संतोष और सुख भी है कि उन्होंने अपने पूरे समय एक सदाचारी और सत्कर्मी का जीवन जिया।
हम जिनेंद्र प्रभु से प्रार्थना करते हैं कि ऐसी आत्मा को चिरशांति एवं परिवारजनों को धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करे ।