झाबुआ का बावन जिनालय अद्भुत, अनुपम, अलौकिक है – आचार्य श्री जिन हेमचंद्र सुरि जी

झाबुआ । हमारा विहार जब भी गुजरात से मध्य प्रदेश की ओर होता है, हम झाबुआ आकर यहां के बावन जिलालय के दर्शन वंदन अवश्य करते है, यहां का यह जिनालय अद्भुत, अनुपम एवं अलौकिक है, पुरे मालवा क्षेत्र का यह एक मात्र बावन जिनालय है जो आज भी अपने उसी स्वरूप में स्थापित है । उक्त उद्घगार बंधु बेलड़ी के नाम से विख्यात अयोध्या पुरम तीर्थ संस्थापक, आचार्य श्री जिन हेमचंद्र सुरि जी म.सा. ने बावन जिनालय में आयोजित धर्म सभा में कहीं। पूज्य आचार्य श्री अपने 14 मुनिराजों के साथ गुजरात राज्य की सीमा से प्रवेश करते हुए झाबुआ नगर के महावीर बाग स्तिथ मंदिर में पधारे । वहाँ से दर्शन वंदन करने के बाद ट्रस्ट के पदाधिकारी रमेश बाठिया एवं रिंकू रुणवाल ने गुरु वंदना क़ी । पश्चात आप श्री पुरे मुनि मण्डंल सहित गाजे बाजे सहित नगर के बावन जिनालय में पधारे वहाँ पर श्री संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष निर्मल मेहता के नेतृत्व में पूज्य श्री एवं साधु भगवंत की अक्षत एवं श्रीफल से गहुली कर अक्षत से सबको वधाकर अगवानी की। पश्चात पूज्य ने बावन जिनालय में विराजित सभी प्रतिमाओं एवं प्रभु श्री ऋषभदेव भगवान के दर्शन वंदन कर, वहाँ आयोजित धर्म सभा में पहुंचे जहां पर गुरु वंदन की विधि सम्पन्न की ।
इस अवसर पर वरिष्ठ मुनिराज श्री तारक चंद्र सागर जी म.सा. ने धर्म सभा में अपने उदगार व्यक्त करते हो कहा कि सब जीवों में मनुष्य का जन्म बहुत दुर्लभ है, केवल मनुष्य भाव से ही मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है आपने कहा कि वंकचुल जैसा पक्का नियम पालक होना चाहिए,आप सबको अपने जीवन में साधुता का सम्मान करना चाहिए, तथा देव गुरु और धर्म पर सच्ची श्रद्धा रखनी चाहिये, एवं सम्यक दर्शन ज्ञान चारित्र के गुण को धारण करना चाहिए इस । मुनिराज श्री विराग चंद्र सागर जी ने भी धर्मसभा को सम्बोधित किया ।

झाबुआ श्री संघ को दिया आमंत्रण

पूज्य आचार्य भगवंत क़ी निश्रा में आयोजित होने वाले इंदौर महानगर में 36दिवसीय परमानंद आचार्य पद प्रदान महोत्सव की आमंत्रण पत्रिका पंकज जी सालेचा इंदौर में श्री संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी को भेंट करते हुए महोत्सव में पधारने की विनती थी, सुश्रावक महेश संघवी ने भी 9 फरवरी 9 फरवरी को इंदौर में आयोजित होने वाले तब अनुमोदना महोत्सव में निश्रा प्रदान करने का अनुरोध किया ।

दोपहर 3:30 बजे बिहार किया

पूज्य आचार्य श्री एवं सभी साधु संत में दोपहर 3:30 बजे ज्ञान मंदिर से देवझरी की ओर विहार किया जानकारी देते हुए श्री संघ के वरिष्ठ सदस्य मनोहर मोदी ने बताया कि आचार्य भगवंत अपने मुनि मंडल सहित झाबुआ से देवझरी होते हुए श्री भोपावर तीर्थं क़ी और विहार करेंगे, तीर्थ की स्पर्शना करते हुए दिनांक 30/1/2025 को इंदौर महानगर में प्रवेश करेंगे । कार्यक्रम का संचालन श्री जैन श्वेतांबर मालवा महासंघ के प्रदेश संयोजक यशवंत भंडारी ने किया, आभार जयेश (गोलू भाई) संघवी ने माना।

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