

हुबली हलियाल पार्क ओल्ड एज होम 2 अप्रैल । विश्व के सभी धर्म की उपासना पद्धति भगवान अलग-अलग हो सकते हैं परंतु सभी ने सेवा को एक स्वर में आदर्श और उत्कृष्ट धर्म बताया । उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने ओल्ड एज होम में संबोधित करते कहा कि पीड़ित आत्माओं को अनदेखा करके परमात्मा की पूजा भक्ति करना आत्मा और परमात्मा के साथ धोखा है ।
उन्होंने कहा कि निष्काम और निस्वार्थ भावों से प्रत्येक आत्मा की सेवा में समर्पित होना चार धाम की यात्रा करने से बढ़कर है । मुनि कमलेश ने बताया कि मानव सेवा ही माधव सेवा है भारत जैसे आध्यात्मिक देश में वृद्ध आश्रम का होना एक कलंक और शर्मनाक घटना है ।राष्ट्र संत ने कहा कि सेवा करने पर हर्षित होने वाली आत्मा से निकलने वाली दुआएं तीन लोग की संपत्ति के दान से बढ़कर है ।जैन संत ने कहा कि जिनके माता-पिता की आंखों से पीड़ित होकर गम आंसू नयन से छलक पड़ते हैं उनके द्वारा किया गया दान त्याग तपस्या मुर्दे को श्रृंगार करने के समान है ।
विक्की भाई फाउंडेशन द्वारा संचालित आश्रम की जानकारी देते हुए विक्रम भूरट ने बताया कि गुरु के आशीर्वाद से यह पांचवा मानव सेवा का प्रकल्प प्रारंभ किया है ।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमेश जैन इचलकरंजी ने अपने संदेश में इनके के कार्यों की प्रशंसा करते हुए दिवाकर मंच की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के अंदर विक्रम भूरट तेजराज जैन प्राणी मित्र अजय जैन आईपीएस इनको मनोनीत किया गया । कार्यक्रम में अजय जैन, सागर जैन, पारसमल पटवा, भारत नाहर, मनीष जी भूरट, गगन जैन ने भाग लेते हुए दिवाकर मंच की ओर से विक्रम का अभिनंदन किया गया। मुनि कमलेश 5 अप्रैल को गदग एवं 8 अप्रैल तक कपाल पधारने की संभावना है।