जो सहन करता है वही आगे बढ़ता है ,वर्तमान शासन नायक भगवान महावीर इसके उदाहरण है – मुनिराज श्री रजतचंद्र विजयजी म.सा.

बदनावर । जो सहन करता है वही आगे बढ़ता है ,वर्तमान शासन नायक भगवान महावीर इसके उदाहरण है । सभी तीर्थंकरों में अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी को सबसे ज्यादा बड़े-बड़े कष्टों का सामना करना पड़ा लेकिन इन सभी कष्टों को समता भाव से सहन कर वे अपने मार्ग में आगे बढ़ते गए ।लेकिन हम छोटे से कष्ट को पकड़कर उलझ जाते हैं और अपनी प्रगति का मार्ग अवरुद्ध कर लेते हैं ।अल्प सुख में उलझ कर सबसे बड़े शाश्वत सुख को भूल जाते हैं ।पहले हम धन कमाने के चक्कर में अपने शरीर को नष्ट करते हैं और फिर शरीर को बचाने में धन को नष्ट करते हैं। हम यह नहीं समझते हैं कि सबसे बड़ा दुख तो ज्ञानियों ने जन्म ,जरा और मृत्यु को बताया है इसके आगे सभी दुख बहुत ही छोटे हैं। और इन सभी दुखों को दूर करने के लिए हमें देव, गुरु और धर्म की शरण लेना होगी जिसने जिवन मे इन तीन चीजों का आशय नहीं लिया उसका भव पार नहीं हो सकता है ।हमें अपनी श्रद्धा को मजबूत बनाकर धर्म में लीन होना होगा । उक्त प्रवचन गच्छाधिपति आचार्य श्री ऋषभचंद्र सुरिश्वरजी महाराज साहब के शिष्य ओजस्वी वक्ता मुनिराज श्री रजतचंद्र विजयजी महाराज साहब ने पोषधशाला में हुई धर्मसभा में कहें। इसके पूर्व शीतलामाता बस स्टैंड से प्रवेश जुलूस प्रारंभ होकर भोयरावाला बड़ा मंदिर पहुंचा जहां मुनिश्री ने श्री संघ के साथ चैत्यवंदन किए एवं जुलूस के साथ गुरु मंदिर वंदना करते हुए पोषध शाला पहुंचे ।आप की निश्रा में नव प्रतिष्ठित श्री शंखेश्वर पुरम् तीर्थ पर तीन दिवसीय श्री पार्श्वनाथ जन्म एवं दीक्षा कल्याणक महोत्सव तप के साथ में मनाया जाएगा। मुनिश्री के साथ बाल मुनिश्री जिनभद्र विजयजी महाराज साहब भी उपस्थित थे । मंगल प्रवेश की नवकारसी का लाभ सुगनबाई सौभाग्यमलजी मोदी परिवार ने लिया। तीर्थ परिसर में आयोजन की ट्रस्ट मंडल द्वारा बड़े स्तर पर तैयारियां की जा रही है जहां बड़ी संख्या में तपस्वी एकत्रित होंगे।