अपने और पराए के भेदभाव से ग्रसित होकर कोई व्यक्ति न्याय मार्ग पर नहीं चल सकता – राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश

होसपेट नगर नवकार भवन 20 अप्रैल। अवसरवादीता और सिद्धांत हीन जीवन कथनी और करनी में अंतर अपनाने वाला मानवता का दुश्मन और धर्म के साथ खिलवाड़ करने वाला होता है। उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने संबोधित करते कहा कि अपने और पराए के भेदभाव से ग्रसित होकर कोई व्यक्ति न्याय मार्ग पर नहीं चल सकता।
उन्होंने कहा कि छोटी-मोटी बातों पर मानवाधिकार मगरमच्छ के आंसू बहता है सिद्धांत की दुहाई देता है। बांग्लादेश और मुर्शिदाबाद मैं कत्लेआम नरसंहार पर उनकी जुबान को लकवा क्यों मारा जा रहा है ? उसकी निंदा तक नहीं कर सकते?
मुनि कमलेश ने कहा कि एक इंसान का कत्ल नहीं परंतु संपूर्ण इंसानियत का कत्ल है। राष्ट्र संत ने कहा कि घरों को जलाना, पीट-पीट कर मारना, मां- बहनों की इज्जत लूटना निर्दोष को सताने का कोई भी धर्म इजाजत नहीं देता।
जैन संत ने बताया कि हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है। बच्चे माता पिता अनाथ हो जाते हैं। सभी धर्म गुरुओं को मिलकर हिंसा के खिलाफ खड़ा होना होगा, अमन शांति के लिए अपने पराए के भेद से ऊपर उठकर कठोर दंड देना होगा। विश्व के सभी धर्म शांति प्रेम और सद्भाव का संदेश देते हैं।
राष्ट्रसंत के 46 में दीक्षा जयंती पर महासती मंगल ज्योति जी ने राष्ट्र संत का अभिनंदन करते हुए कहा इतने महान युगपुरुष चल कर आए हैं यह साक्षात तीर्थ है। अध्यक्ष गौतम भंसाली ने बताया कि संघ की ओर से सामायिक दिवस का आयोजन किया गया। 21 अप्रैल को सामूहिक जाप से जुड़े, 22 अप्रैल को वीरांगना सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है। साथ में सामूहिक एकासान का कार्यक्रम है। 22 अप्रैल शाम को बेंगलुरु की ओर विहार होने वाला है। मंत्री शांतिलाल विनायक्या, सब मंत्री अनिल कनुका, राजेंद्र भूरट, महिला मंडल प्रमुख तिलक मंजरी सभी ने गुरु भगवंतो का अभिनंदन किया।