
बालोतरा जैन तीर्थ नाकोड़ा । सात्विक आहार अपनाए बिना विश्व शांति तीन काल में भी संभव नहीं है आहार का विचारों के साथ गहरा संबंध है उक्त विचार राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने नाकोड़ा तीर्थ में तीन दिवसीय तेला पारणा महोत्सव को संबोधित करते कहा कि तामसिक आहार अशांति तनाव क्रोध और विवाद को जन्म देता हथियारों से नहीं विचारों से विश्व शांति आएगी ।
मुनि कमलेश ने कहा कि विश्व के सभी धर्मों ने सात्विक गुणों को ही धर्म का प्रवेश द्वार बताया है आहार भी अपने आप में औषधि है । उन्होंने कहा कि सात्विक आहार मानवीय आहार है और तामसिक राक्षस का आहार है क्रूरता की जननी है।
राष्ट्रसंत ने कहा कि डब्ल्यूएचओ स्वास्थ्य संगठन भी स्वास्थ्य रक्षा के सात्विक आहार का आव्हान कर रहा है । जैन संत ने बताया कि तामसिक आहार अणु बम परमाणु बम से भी खतरनाक है आत्मा के सद्गुणों को नष्ट कर देता है ।नाकोड़ा जैन तीर्थ की ओर से तपस्वी बंधुओं का का अभिनंदन किया गया मुनि कमलेश घनश्याम मुनि गौतम मुनि अरिहंत मुनि कौशल मुनि अक्षत मुनि सभी गुरु भगवंत विहार प्रसंग पर विरल रत्न विजय जी एवं महा सती जी सभी ट्रस्टी बंधुओं ने विदाई समारोह आयोजित कर उज्जवल भविष्य की मंगल कामना की।