धर्म करना किसी भी उम्र में अनुचित नही एवं पाप करना किसी भी उम्र में उचित नही-मधुरवक्ता पू.मुनिराज श्री रजतचंद्र विजयजी म.सा.

श्री शंखेश्वर पुरम् तीर्थ पर प्रथम बार श्री पाश्र्वनाथ प्रभु जन्म एवं दीक्षा कल्याणक का ऐतिहासिक कार्यक्रम सम्पन्न

बदनावर । श्री शंखेश्वर पुरम् तीर्थ पर प्रथम बार श्री पाश्र्वनाथ प्रभु जन्म एवं दीक्षा कल्याणक का ऐतिहासिक आयोजन हुआ । जिसमें 125 तपस्वियों ने अमतप की आराधना की, जिसमें गुजरात राजस्थान सहित आसपास के नगरों से भी तपस्वी सम्मिलित हुए। समारोह के अंतिम दिन प्रात: 8.00 बजे श्री पाश्र्वनाथ दादा की अनुपम प्रतिमा का वर्धमान शक्रस्तव महा अभिषेक एवं प्रक्षाल पूजन हुआ । मुनिश्री द्वारा रचित श्री पाश्र्वनाथ इक्किसा का पाठ किया गया। पश्चात सभी तपस्वियों का सामुहिक पारणा तीर्थ परिसर में हुआ। गच्छाधिपति आचार्य श्री ऋषभचंद्र सूरीश्वरजी महाराज साहेब के शिष्य मधुरवक्ता पू.मुनिराज श्री रजतचंद्र विजयजी महाराज साहब एवं मुनिश्री जिनभद्र विजयजी महाराज साहब की निश्रा में आयोजित बहुमान सभा में सभी तपस्वियों का श्री संघ एवं ट्रस्ट मंडल द्वारा तिलक माला एवं विविध प्रकार की प्रभावना के साथ बहुमान किया गया । मुनिश्री द्वारा सभी तपस्वियों को आशीर्वचन में कहा कि धर्म करना किसी भी उम्र में अनुचित नही एवं पाप करना किसी भी उम्र में उचित नहीं। आप सभी ने 3 दिन उपवास सहित परमात्मा की आराधना की है यही भावना आगे भी निरंतर बनी रहे। धर्म में संलग्न रहे यही पारणा का महत्व होता है। आपने आगे कहा कि पेड़ में जीव होता है परंतु गति नहीं, पशु में जीव एवं गति दोनों होती है ,लेकिन मनुष्य में जीव ,गति के साथ लक्ष्य भी रहता है अगर हमारा लक्ष्य उचित होगा तो हम अपनी आत्मा को परमात्मा बना सकते हैं ।आप सभी भी अपना लक्ष्य शाश्वत सुख अर्थात मोक्ष का रखें एवं क्रमश: आगे बढ़ते रहें। प्रवचन के मध्य अहमदाबाद निवासी श्री जिग्नेश भाई शाह ने अगले चातुर्मास के पूर्व दीक्षा ग्रहण करने की भावना प्रकट की। इस पर ट्रस्ट मंडल द्वारा दीक्षार्थी का बहुमान किया गया। मुनिश्री ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक श्रीसंघ,श्री स्थानकवासी जैनश्री संघ एवं दिगंबर जैन श्री संघ व शंखेश्वर पुरम् तीर्थ ट्रस्ट मंडल को साधुवाद दिया । पुष्पेंद्र पगारिया ने बताया कि आयोजन के मध्य अचानक कैबिनेट मंत्री श्री राजवर्धन सिंह जी दत्तीगांव पहुंचे एवं सभी को आश्चर्यचकित कर दिया आपने तीर्थ के दर्शन वंदन के पश्चात मुनिश्री से आशीर्वाद ग्रहण किया एवं अपने उद्बोधन में कहा कि मैं आज अपने जन्मदिन की शुरुआत मुनिश्री के पास व इस पवित्र तीर्थ की स्पर्शना से कर रहा हूं एवं आप सभी का आशीर्वाद लेने यहां पहुंचा हूं। मुनिश्री ने सदैव शुभ कार्य में आगे बढ़ते रहेंने का आशीर्वचन देते हुए कहा कि यही हमारी संस्कृति है कि हर शुभ कार्य में धार्मिक जगह के दर्शन एवं संतों का आशीर्वाद होना चाहिए जिससे हम प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ते रहें मुनि श्री ने मांगलिक का श्रवण भी करवाया ।मंत्री महोदय ने सभी तपस्वायो की सुखसाता भी पुछी एवं तपस्वियों द्वारा भी आपको जन्मदिन की शुभकामनाएं दी।।।।।। इन्होंने लिया लाभ अभिषेक का लाभ संजय कुमार अनोखीलाल चोपड़ा , तपस्वियों के बहुमान का लाभ राजेंद्र कुमार जैनेश कुमार बोकडिया ,पारणा करवाने का लाभ श्रीवीर डेवलपर्स बदनावर एवं पूनमचंद अनिल कुमार पोखरना, आंगी बनाने का लाभ स्वर्गीय कांतिलाल प्रेमाबाई मोदी ने लिया ट्रस्ट मंडल द्वारा आगामी चातुर्मास एवं अगले वर्ष भी अमतप में अपनी निश्रा प्रदान करने की विनती की साथ ही नागदा से संघ की ओर से भी मुनि श्री को नागदा पधारने की विनती की गई। साथ ही आने वाली गुरु सप्तमी दिनांक 20 जनवरी को तीर्थ परिसर में नवकारसी का लाभ स्वर्गीय कांतिलाल प्रेमाबाई मोदी परिवार को देने की घोषणा की । अणु नवयुग मंडल एवं अ_मतप समिति ने अपनी सेवाएं दी ।अंत में ट्रस्ट मंडल एवं समिति ने सभी का आभार माना।