सेन्ट्रल सिविल सर्विसेज (पेंशन) संबंधित नियम रद्द किया जाने की मांग
रतलाम। म.प्र. पेंशनर समाज रतलाम की माह जून की बैठक 8 जून को गुजराती समाज उ.मा.वि. परिसर में उपाध्यक्ष सुरेन्द्र छाजेड़ की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई बैठक के प्रारम्भ में उपस्थित साथियों को संगठनात्मक दृष्टि से देश में पेंशनर के आर्थिक हितों की सुरक्षा के लिए जो हलचल प्रारम्भ हुई है उसके बारे में जानकारी देते हुए श्री छाजेड़ ने बताया कि आल इंडिया स्टेट पेंशनर्स फेडरेशन द्वारा देशभर में चरणबद्ध आंदोलन का निश्चय किया गया है।
देश की लोकसभा ने 25 मार्च 2025 को पारित सेन्ट्रल सिविल सर्विसेज (पेंशन) संबंधित नियम में परिवर्तन किया है। उस परिवर्तन से 2026 और उसके पूर्व सेवानिवृत्त पेंशनधारियों एवं पुरानी पेंशनधारकों को 8 वें वेतन आयोग के लाभ से वंचित रखा जाएगा। इस बढ़ती हुई मंहगाई के दौर में पुरानी पेंशन धारकों की 8 वें वेतन आयोग के हिसाब से पेंशन नहीं बढ़ेगी। सरकार का यह कदम पुरानी पेंशनधारकों के लिए घातक है।
आल इंडिया स्टेट पेंशनर्स फेडरेशन ने इसे ओ.पी.एस. पेंशन धारियों के लिए घातक मानते हुए देशभर के प्रत्येक जिले में चरणबद्ध आंदोलन तब तक करने का निर्णय लिया है जब तक 25 मार्च 2025 वाला लेजिश्लेशन वापस नहीं हो जाता है। इसके लिए ‘एआईएसएफ’ ने प्रथम चरण आंदोलन के लिए 23 जून 2025 तय की है। इस दिन देशभर के सभी जिलों में प्रादेशिक पेंशनर संगठन प्रधानमंत्री के नाम ‘मेगा मेमोरेण्डम’ पेंशनरों के हस्ताक्षर पत्र को जिला कलेक्टर को प्रधानमंत्री को फारवर्ड करने के लिए भेंट किया जाएगाऔर प्रधानमंत्री से उस कानूनी प्रावधान को वापस लेने की मांग की जाएगी। प्रमुख पेंशनर्स एसो. के श्याम जोशी से प्राप्त आई.पें.फे. से प्राप्त परिपत्र के अनुसार 23 जून को मेगा मेमोरेण्डम भेंट करना आंदोलन का प्रथम चरण होगा।
पेंशनर समाज रतलाम जिला रतलाम के सभी प्रादेशिक पेंशनर्स से आग्रह करता है कि पेंशनरों के हक में अखिल भारतीय स्तर पर प्रारंभ हो रहे आंदोलन में जिले भर के सभी पेंशनर साथी 23 जून 2025 के आंदोलन एवं विरोध प्रदर्शन में तन-मन-धन से जुटकर पेंशनरों की एकजुटता एवं अपने संवैधानिक हक को प्राप्त करने के लिए संघर्षशीलता व शक्ति का पुरजोर प्रदर्शन करें। खासकर हमारी पुरानी पेंशनर्स धारक बहने इस बयान पर ध्यान दे एवं सहयोग करें।
मेगा मेमोरेण्डम के साथ पेंशनरों के हस्ताक्षर पत्र के संबंध में पेंशनर साथियों से निवेदन किया है कि वे जिस संगठन के सदस्य हैं उसके पदाधिकारी से सम्पर्क कर तीन पत्रकों पर हस्ताक्षर अवश्य करें। जो किसी संगठन के सदस्य नहीं हैं तो वे किसी भी संगठन के पदाधिकारी से सम्पर्क कर पत्रक पर हस्ताक्षर करें। ये पत्रक हमारी शक्ति एवं एकजुटता का प्रमाण होगा।
बयान के अंत में श्री छाजेड़ ने बताया कि श्री जोशीजी से प्राप्त अखिल भारतीय स्टेट पेंसनर्स फेडरेशन के प्राप्त परिपत्र के आधार पर सभी पेंशनर्स साथियों को सूचनार्थ यह बयान जारी किया गया है।