समदड़ी (राज.)। पंथ की दीवारों में कैद करके मानवता के टुकड़े टुकड़े करने वाले आपस में परस्पर नफरत की आग लगाने वाले शैतान से कम नहीं । उक्त विचार राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने समदड़ी जैन स्थानक भवन पर धर्म सभा को संबोधित करते कहा कि धर्म जोड़ता है तोड़ता नहीं है तोडऩा तो अधर्म और पाप है ।
मुनि कमलेश ने कहा कि विश्व के सभी धर्मों के मुख्य लक्ष्य मानवीय रिश्तो में मधुरता घोलना और नफरत को समाप्त करना । राष्ट्रसंत ने कहा कि कट्टरपंथी नास्तिक से अनंत गुना ज्यादा खतरनाक होते हैं धर्म को नास्तिकों से नहीं कट्टरपंथियों से ज्यादा खतरा है । जैन संत ने स्पष्ट कहा कि पं थवादी ताकतों को कमजोर करके मानवता की रक्षा करना सबसे बड़ा धर्म है । इस अवसर पर घनश्याम मुनि जी, गौतम मुनि जी, चेतन मुनि जी ने विचार व्यक्त किए । अरिहंत मुनि जी, कौशल मुनि जी, अक्षत मुनि जी ने मंगलाचरण किया । इस अवसर पर सावत संघ की ओर से संतों का अभिनंदन किया गया ।