


रतलाम 2 जुलाई 2025 । आराधना भवन श्री संघ में इस वर्ष चातुर्मास हेतु परम पूज्य गणिवर्य कल्याण रत्न विजय जी म सा के प्रथम शिष्य श्री निश्रेयस विजय जी म.सा. आदि ठाणा पांच एवं साध्विजी भगवंत ठाना चार का आज रतलाम में भव्य नगर प्रवेश हुआ। आपने सकल श्रीसंघ की गरिमामय उपस्थिति में आराधना भवन में प्रवेश किया। उसके बाद मौसम की प्रतिकूलता के बावजूद सैकड़ो की संख्या में सुश्रावक एवं सुश्राविकाएं मोहन टॉकीज पहुंचना शुरू हुए एवं वहां नवकारसी का लाभ लेकर प्रवेश यात्रा प्रारंभ करी। वरघोड़ा में सबसे आगे इंद्रध्वजा उसके पीछे सुसज्जित अश्व पर नवयुवक धर्म पताका लिए चल रहे थे। तीन सुसज्जित बग्गियों पर परम पूज्य आचार्य देव रामचंद्र सुरीश्वर जी महाराज,आचार्य देव पुण्यपाल सुरीश्वर जी महाराज एवं आचार्य देव तपोरत्न सुरीश्वर जी महाराज की तस्वीर शोभायमान थी। पीछे सुमधुर बेण्ड की संगीत मय धुन पर आराधना भवन सेवा समिति, चंद्रवीर परिवार के युवजन भाव विभोर होकर नृत्य कर रहे थे।रास्ते में जगह-जगह समाज जन द्वारा गहुंली की गई एवं जय जयकार के नारे लगाते रहे।
वरघोड़ा मोहन टॉकीज से डालूमोदी बाजार, धानमंडी, गणेश देवरी, चांदनी चौक चौमुखी पुल होते हुए आराधना भवन पोरवालों के वास पहुंचकर धर्म सभा में परिवर्तित हो गया। प्रारंभ में गुरुवंदन हुआ एवं पूज्य गुरुदेव के मांगलिक प्रवचन हुए। दीपक कटारिया ने चातुर्मास में आगे के कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए सफल संचालन किया। इस अवसर पर नारियल की प्रभावना का लाभ श्रीमती पिस्ता बाई कन्हैयालाल श्रीश्रीमाल परिवार द्वारा लिया गया। प्रवेश यात्रा को सफल बनाने में आराधना भवन ट्रस्ट, आराधना भवन सेवा समिति, चंद्रवीर परिवार एवं आराधना भवन के विभिन्न महिला मंडलों का सराहनीय योगदान रहा।