कोई भी धर्म विघटन और बिखराव की इजाजत नहीं देता है- राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश

चेन्नई साहूकार पेठ जैन भवन 8 जुलाई 2025 । एक-एक धागा अलग-अलग पड़ा कचरे के रूप में नजर आता है, वही रस्सी का रूप ले ले तो हाथी को बाँधने की क्षमता उसमें आ जाती है। उक्त विचार जैन संत कमल मुनि जी केलऐलपी जैन मंदिर पर संबोधित करते कहा कि संगठन से और कोई बड़ा धर्म वर्तमान समय में नहीं हो सकता है। इसकी नींव धर्म, साधना, उपासना और मोक्ष की मंजिल पर खड़ी की जा सकती है। मुनि कमलेश ने बताया कि संगठन के माध्यम से असंभव भी संभव हो जाते हैं,दूसरी पल सफलता मिल जाती है संगठन में विश्वास नहीं तो अहिंसा उसके पास नहीं lउन्होंने कहा कि महापुरुषों ने अपने से ज्यादा महत्व संगठन को दिया है, उसको मजबूत करने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दियाlराष्ट्र संत ने कहा कि अपने अहंकार और स्वार्थ के लिए संगठन को तोड़ता है वह महापापी कहलाता है और जो संगठन को बढ़ाने के लिए सब कुछ लुटा देता है वह महान कहलाता है lजैन संत ने बताया कि कोई भी धर्म विघटन और बिखराव की इजाजत नहीं देता है। संस्था किसी भी नाम से हो इसका उद्देश्य संगठन को मजबूत करने का हो तो पूजनीय हैlउपन्यास प्रवर निर्मोह सुंदर विजय जी ने कहा उपासना पद्धति को लेकर बिखरा होता है वहां पर धर्म नहीं रहता हैl दोनों महापुरुषों ने समाज को समन्वय का आवाहन किया ल 9 जुलाई को साहूकार पेट जैन स्थानक भवन में मुनि कमलेश के सानिध्य में सूर्योदय पर प्रार्थना 9:15 बजे प्रवचन 2:30 बजे ज्ञान चर्चा सूर्यास्त पर प्रतीकमन रात्रि 8:30 बजे ज्ञान चर्चा चारों महीने प्रातः 6:00 से शाम को 6:00 बजे तक महामंत्र प्रकार का जाप घर घर पर होगा।