
शिवगढ़। समाजसेवा और मानव कल्याण की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल करते हुए पिपली चौक निवासी स्व. विमलचंद्र तांतेड़ के सुपुत्र शुश्रावक सुभाषचंद्र तांतेड़ के निधन उपरांत उनके नेत्रदान (कॉर्निया) से दो जरूरतमंद व्यक्तियों को नई दृष्टि प्राप्त होगी।
यह पुण्य कार्य नेत्रदान के प्रति समाज में जागरूकता और से भावना का सशक्त उदाहरण बन गया है। जानकारी देते हुए नेत्रम संस्था के हेमन्त मूणत ने बताया कि दीपक तांतेड़ ने सुभाषचंद्र जी के पुत्र सचिन तांतेड़ और परिजनों को नेत्रदान के लिए प्रेरित किया। परिजनों की सहमति के तुरंत बाद दीपक तांतेड़ ने बड़नगर स्थित गीता भवन न्यास के ट्रस्टी एवं नेत्रदान प्रभारी डॉ. जी.एल. ददरवाल को सूचित किया
सूचना प्राप्त होते ही डॉ. ददरवाल अपनी टीम के साथ—जिसमें मनीष तलाच और मोहनलाल राठौड़ शामिल थे—रात्रिकाल में ही तत्परता से बड़नगर से शिवगढ़ पहुंचे और नेत्रदान की प्रक्रिया को सफलता पूर्वक पूर्ण किया।
इस पुनीत अवसर पर सुभाषचंद्र तांतेड़,मुकेश तातेड़,महावीर तातेड़, रंजन तातेड़, सुशील तातेड़, विक्की गांधी,अमित राका,भूपेन्द्र तातेड़ दिलीप तांतेड़, रूपेश गांधी, नरेन्द्र लखारा,राजेश गांधी,महेन्द्र तांतेड़, भावेश बाफना,विनय तांतेड़, जगदीश धबाई ,मुन्नालाल तांतेड़ सहित बड़ी संख्या में स्नेहीजन, परिजन और शुभचिंतक उपस्थित रहे। नेत्रम संस्था ने तांतेड़ परिवार का आभार व्यक्त करते हुए इस कदम को समाज के लिए एक प्रेरणास्त्रोत बताया है।
संस्था ने नागरिकों से अपील की है कि वे भी नेत्रदान के लिए आगे आएं और किसी के जीवन में प्रकाश का माध्यम बनें।