
रतलाम । आचार्य प्रवर पूज्य गुरुदेव श्री उमेशमुनिजी म. सा. के सुशिष्य धर्मदास गणनायक प्रवर्तक श्री जिनेंद्रमुनिजी म. सा. एवं मुनिमंडल तथा पुण्य पुंज साध्वी श्री पुण्यशीलाजी व साध्वी मंडल के यहां गुरु समर्पण वर्षावास में त्याग – तपस्याओं का जबर्दस्त दौर चल रहा है। संयमी आत्माओं की प्रेरणा से मा. पर्व मूणत ने 11 उपवास की तपस्या पूर्ण की। बालक द्वारा यह तपस्या पहली मर्तबा की गई हैं। गौरतलब है कि 10 वर्षीय नन्हें बालक पर्व द्वारा इतनी कम उम्र में 11 उपवास की तपस्या करना कोई साधारण कार्य नहीं है। इससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि उक्त बालक में कहीं न कहीं परिवार के संस्कारों एवं प्रेरणा की झलक नजर आती है। उक्त तपस्वी बालक वर्षावास हेतु कोटा शहर (राज.) में विराजित रत्नपुरी गौरव पूज्य श्री अमृतमुनिजी म. सा. व रतलाम में वर्षावास हेतु विराजित पूज्या महासती श्री करूणाश्री जी म. सा. के सांसारिक पोते एवं जैन सोशल ग्रुप यूथ के पूर्व सचिव सौरभ शिल्पा मूणत के पुत्र है। बालक पर्व की तपस्या की साता पूछते हुए श्री धर्मदास जैन श्री संघ व संघ की समस्त संस्थाओं ने खूब खूब अनुमोदना की।