पति की आंख में मिर्ची झोंककर धोखाधडीपूर्वक रूपए एवं जेवर ले जाने वाली दुल्हन को न्यायालय ने सुनाई तीन साल की सजा

रतलाम । थाना दीनदयाल नगर रतलाम के आरसीटी 2627/2016 में माननीय न्यायालय सुश्री आंकाक्षा गुप्ता, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, रतलाम द्वारा आज दिनांक 28.07.2025 को पारित अपने निर्णय में आरोपी मोना पारिक पिता श्री रामचन्द्र जी पारिक आयु 21 वर्ष निवासी कांकरा पोस्ट सटोला तहसील छोटी सादडी जिला प्रतापगढ (राजस्थान) को धारा 420 भादवि में दोषसिद्ध पाते हुऐ 03 वर्ष का कारावास तथ़ा राशि 5000/- रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री कृष्णकांत चौहान द्वारा की गई।
सहायक निदेशक अभियोजन रतलाम श्रीमती आशा शाक्यवार के द्वारा बताया गया कि फरियादी मुकेश की शादी न होने से व शादी के लिये कोई लडकी न मिलने से कचरु,ओमप्रकाश व हसीना बी ने मुकेश को अपनी जान पहचान वाली अच्छी लडकी से शादी कर भरोसा देकर मुकेश की शादी मोना पारिक निवासी इन्दोर से करवाई। बाद शादी के मोना पारिक दिनांक 17.04.16 को मुकेश मोना पारिक को मो.सा.पर बैठाकर इन्दोर जाने के लिये अपनी मौसी कलाबाई टांक नि.दीनदयालनगर रतलाम के यहां ले जा रहा था जो दीनदयालनगर मे मोना पारिक, मुकेश की आँखो मे मिर्ची डालकर तथा अपने साथ करीब एक लाख रुपये के जेवर व करीब दो लाख रुपये नगदी लेकर कही भाग गई बाद मुकेश द्वारा कचरु ,ओमप्रकाश व हसीना बी तथा मोना पारिक व उसके भाई राजेश पारिक को तलाशते वे नही मिले तथा ये सभी कही भाग गये जो प्रथम दृष्टया मामला उपरोक्त आरोपीगण के विरुद्ध फर्जी शादी करवाकर रुपये ठगने तथा धोखाधडी का पाया जाने से आरोपीगण के विरुद्ध प्रकरण धारा 420 भादवि का दर्ज किया गया था। विचारण न्यायालय द्वारा प्रकरण की मुख्य आरोपिया मोना पारिक एवं शीला के विरूद्ध विचारण करते हुऐ आरोपी मोना पारिक को धारा 420 भादवि में दोषसिद्ध पाते हुऐ 03 वर्ष का कारावास तथ़ा राशि 5000/- रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। आरोपी शीला को दोषमुक्त किया गया।
शासन की ओर से प्रकरण में पैरवी श्री कृष्णकांत चौहान, विशेष लोक अभियोजक (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) के द्वारा की गई है।