श्रीमती संतोष देवी अरोरा के नेत्रदान से दो जरूरतमंदों को मिली नई दृष्टि

रतलाम 5 अगस्त । समाजसेवा की दिशा में एक अनुकरणीय पहल करते हुए, महूरोड निवासी ट्रांसपोर्ट व्यवसायी स्वर्गीय रघुवीर अरोरा की धर्मपत्नी श्रीमती संतोष देवी अरोरा के निधन उपरांत उनके नेत्रदान (कॉर्निया दान) के माध्यम से दो जरूरतमंद व्यक्तियों को नई दृष्टि प्राप्त हुई है।
यह प्रेरणादायक कार्य समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता और सेवा भावना को प्रोत्साहित करने वाला एक उल्लेखनीय उदाहरण है। इस पुनीत कार्य की पहल सुशील मीनु माथुर एवं प्रकाश छाबड़ा द्वारा की गई। उन्होंने स्वर्गीय संतोष देवी अरोरा के पुत्र राजेश अरोरा, भूपेश अरोरा एवं अन्य परिजनों को नेत्रदान हेतु प्रेरित किया।
परिजनों की सहमति के उपरांत, यह प्रक्रिया नेत्रम संस्था के माध्यम से आगे बढ़ाई गई। संस्था के प्रतिनिधि हेमन्त मूणत ने जानकारी देते हुए बताया कि सूचना मिलते ही गीता भवन न्यास, बड़नगर के ट्रस्टी एवं नेत्रदान प्रभारी डॉ. जी.एल. ददरवाल, सहयोगी मनीष तलाच और मोहनलाल राठौड़ तत्परता से रतलाम पहुंचे और नेत्रदान की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न किया।
इस अवसर पर नेत्रम संस्था के सदस्य नवनीत मेहता, ओमप्रकाश अग्रवाल, भगवान ढलवानी, भरत अरोरा, हेमन्त अरोरा, नितिन अरोरा, चंदशेखर अरोरा, गुलशन अरोरा, कमल अरोरा, राजेश दुग्गल सहित बड़ी संख्या में स्नेहीजन एवं शुभचिंतक उपस्थित रहे। नेत्रम संस्था ने अरोरा परिवार के इस सामाजिक योगदान के लिए आभार व्यक्त किया और इसे समाज के लिए एक प्रेरणास्त्रोत बताया। संस्था ने सभी नागरिकों से नेत्रदान के लिए आगे आने की हार्दिक अपील की है।