डॉ.सुनीता जैन के प्रयासों से अंगुरी जाएगी स्कूल

रतलाम। अगर मन में सद्भावना हो तो समाज सुन्दर बन सकता है इसी बात की मिसाल कायम की है रतलाम के शासकीय कन्या महाविद्यालय में कार्यरत अतिथि विद्वान डॉ.सुनीता जैन ने । डॉ.जैन अक्सर अंगुली से सब्जी खरीदती थी ।उन्हें इस बात की बहुत तकलीफ़ थी कि अन्य बच्चो की तरह अंगुली स्कूल नहीं जाती । उन्होंने अंगुरी की स्कूल जाने की इच्छा के बारे में जाना और उसकी दादी और अन्य परिवार जनों को समझाया ।इसमें क्षेतर के लोगों ने भी उनकी मदद की ।
उसके बाद डॉ.जैन ने जिलाधीक्ष महोदय को एक आम नागरिक के रूप में email किया । जिलाधीक्ष महोदय ने भी तत्परता दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये । अधिकिरियो द्वारा भी अंगुली के परिवार की काउंसलिंग की गई और अन्तत अंगुरी का शासकीय विदयालय में प्रवेश हो गया । अब अंगुरी स्कूल जा सकेगी ।अन्य बच्चो की तरह पढ़ सकेगी । यह सब संभव हो सका डॉ.जैन की सद्भावना से प्रशासन के सहयोग से ।