
रतलाम l भगवान शिव की आराधना से पहले व्यक्ति को स्नान कर साफ वस्त्र धारण करना चाहिए l इसके बाद सूर्य देव को जल अर्पित कर शिवलिंग को उत्तर दिशा में स्थापित कर सबसे पहले गंगाजल से अभिषेक करना चाहिए l यह बात श्री शिव आराधना महोत्सव समिति द्वारा आयोजित पार्थिव शिवलिंग निर्माण, पूजन ,अभिषेक, विसर्जन कार्यक्रम के समापन अवसर पर विधानाचार्य पंडित शशि प्रकाश जोशी ने उपस्थित श्रद्धालुओं से कहीं l
उन्होंने कहा कि शिवलिंग पर शक्कर, दही, दूध और घी समेत अन्य चीजों से अभिषेक कर प्रभु के मंत्रो का जाप करना चाहिए, शिव पुराण के अनुसार ॐ नमः शिवाय भगवान शिव का प्रभावशाली मंत्र माना जाता है मान्यता है कि जो भी व्यक्ति प्रतिदिन इस मंत्र का जाप 108 बार करता है उस व्यक्ति को आरोग्य की प्राप्ति होती है वह भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। समिति द्वारा 11 जुलाई से 9 अगस्त तक आयोजित महोत्सव के दौरान लगभग 5 जजार से अधिक जोड़ों ने भगवान शिव के पार्थिव शिवलिंग का निर्माण पूजन अभिषेक व आरती में हिस्सा लिया। वैदिक क्रियाएं पंडित शशि प्रकाश जोशी ,पंडित शैलेंद्र जोशी, पंडित रविशंकर पांडे, पंडित जितेंद्र, पंडित मनमोहन द्वारा संपन्न की गई । समापन अवसर पर समितिअध्यक्ष मोहनलाल भट्ट, ट्रस्ट अध्यक्ष राजाराम मोतियानी, सचिव हरीश कुमार, बिंदल प्रवक्ता राकेश पोरवाल, सत्यनारायण कसेरा, राजेन्द्र शर्मा, राधा वल्लभ पुरोहित, अजय चौहान सहित नागरिकों ने पार्थिव शिवलिंग की आरती कर विसर्जन किया ।अंत में आरती कर प्रसादी वितरित की गई अन्य को श्रद्धालु मौजूद थे l