वीर दुर्गादास राठौड़ की जयंती पर संगोष्ठी और पुष्पांजलि कार्यक्रम में आयोजित

रतलाम ‌। मारवाड़ के महान् सपूत वीर दुर्गादास राठौड़ एक महान् योद्धा, मातृभूमि के प्रति पूर्ण समर्पित, स्वातंत्र्यवीर थे। उन्होंने अपने शौर्य, चातुर्य और बाहुबल से न केवल मारवाड़ की रक्षा की बल्कि औरंगजेब जैसे कट्टर शासक को भी नैतिकता का पाढ पढ़ाया। औरंगजेब के पुत्र अकबर और उसके पोत्रो बुलंद अख्तर तथा पोत्री सफियातुन्निसा को संरक्षण प्रदान किया था। वीर दुर्गादास अपने समय के सबसे बड़े कूटनीतिक, दूरदर्शी और चतुर योद्धा थे। वीर दुर्गादास ने धर्मत (फतेहाबाद) के युद्ध में भी अभूतपूर्व वीरता का प्रदर्शन किया था। उक्त विचार राजा भोज जनकल्याण सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं इतिहासविद नरेन्द्रसिंह पॅंवार (गढ़ी भैंसोला) ने वीर दुर्गादास राठौड़ जयंती पर आयोजित संगोष्ठी एवं पुष्पांजलि कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में व्यक्त किए।
उक्त जानकारी देते हुए संस्था के जिला संयोजक नरेन्द्रसिंह डोडिया ने बताया कि राजा भोज जनकल्याण सेवा समिति द्वारा लगभग १५ वर्षों से वीर दुर्गादास राठौड़ की जयंती पर संगोष्ठी एवं परिचर्चा का आयोजन किया जाता रहा है। इसी श्रृंखला में १३ अगस्त को वीर दुर्गादास जी जयंती पर भी संस्था द्वारा होटल रामा’स में संगोष्ठी और पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिलाध्यक्ष संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिति रतलाम तेजपालसिंह राणावत ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हमें वीर दुर्गादास में अद्वितीय संगठनात्मक क्षमता थी। उन्होंने प्रतिकूल परिस्थितियों में भी राजपूताना से लेकर सुदूर दक्षिण में वीर शिवाजी तक सभी को एक सूत्र में बांध दिया था। आज हमें आपसी राग-द्वेष भूलाकर समाज और राष्ट्रहित में कार्य करना चाहिए।
आयोजित संगोष्ठी में लोकेन्द्रसिंह राठौर (नौंगावा महाराज), संग्रामसिंह राठौर (धारसीखेड़ा), गजेन्द्रसिंह चौहान, दिग्विजयसिंह राठौर (भैंसाडाबर), पृथ्वीराजसि़ह (लक्की बना) पंचेड़ ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर राजा भोज जनकल्याण सेवा समिति द्वारा वीर दुर्गादास राठौड़ के जीवनवृत्त की प्रमुख घटना पर आधारित पोस्टर का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन धीरेन्द्रसिंह सरवन ने किया एवं आभार दीपेन्द्रसिंह राठौर (भैंसाडाबर) ने व्यक्त किया।