
इन्दौर । श्री जैन श्वेताम्बर मालवा महासंघ के जैन पत्रकार प्रकोष्ठ के एक दिवसीय अधिवेशन युवाचार्य श्री विश्वरत्न सागर सूरीश्वरजी म सा की निश्रा में नृसिंह वाटिका में सम्पन्न हुआ । स्वागत भाषण जैन पत्रकार प्रकोष्ठ मध्यप्रदेश के संयोजक दीपक दूग्गड़ ने दिया एवं श्री जैन श्वेताम्बर मालवा महासंघ के संगठन मन्त्री अभय चोपड़ा ने अधिवेशन के बारे में जानकारी दी और प्रदेश भर से आए पत्रकार साथियों ने अपने विचार रखे । इस अवसर पर मालवा महासंघ के कार्यकारी अध्यक्ष संतोष मेहता एवं महासचिव वीरेंद्र जैन और हुकुमचंद सांवला ने भी अपने विचार रखे ।
इस अवसर पर प्रदेश कार्यकारिणी एवं जिला संयोजकों को आचार्य श्री ने शपथ दिलाई जावरा से प्रकाश बारोड़ ने भी प्रदेश उपाध्यक्ष कि शपथ ली। कार्यक्रम का संचालन महावीर जैन ने किया ।इक पत्रकार के लिए सबसे बड़ी चीज है कलम जो ना रुकना चाहिए और ना ही झुकना चाहिए , और साथ ही समाज हित में भी आवाज बुलंद करतेरहना चाहिए ,आचार्य श्री ने आगे कहा किजब किसी समाज को एकता, जागरूकता और दिशा की जरूरत होती है, तब कलम तलवार से भी अधिक धारदार बन जाती है यह बात युवा आचार्य श्री विश्वरतन सागर सुरीश्वरजी महाराज साहब ने कही ,इसी उद्देश्य से पत्रकार प्रकोष्ठ का गठन हुआ — एक ऐसा मंच जो संपूर्ण जैन समाज की आवाज को एक सूत्र में पिरोकर, न केवल समाज के भीतर बल्कि बाहरी दुनिया में भी, उसकी गरिमा और गौरव को स्थापित करेगा।हमारा संकल्प — समाज की धड़कनों को जोड़नापत्रकार प्रकोष्ठ का पहला और सबसे पवित्र उद्देश्य है — संपूर्ण जैन समाज को एक मंच पर लाना।
भले ही हम भौगोलिक, आर्थिक या सामाजिक दृष्टि से अलग-अलग हों, लेकिन हमारी जड़ें, हमारी विरासत और हमारी पहचान एक ही है।यह मंच समाज के हर व्यक्ति को, हर वर्ग को, और हर पीढ़ी को जोड़ने का काम करेगा।हमारी जिम्मेदारी — मदद का हाथ, संवेदना का साथआर्थिक रूप से पिछड़े समाजजन को केवल सहायता ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की राह दिखाना हमारा ध्येय है।यह प्रकोष्ठ केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अपने हर कदम से उन तक पहुंचेगा जिन्हें सहारे की जरूरत है।क्योंकि हम मानते हैं —”सच्चा समाज वही है, जो सबसे कमजोर सदस्य को भी अपनी मजबूती का अहसास कराए।”हमारी धरोहर — हमारी शानजैन तीर्थ, जैन ग्रंथ, और जैन साधु-संत — ये हमारी संस्कृति की जीवंत धरोहर हैं।पत्रकार प्रकोष्ठ इनकी रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इन रत्नों से प्रेरणा ले सकें।हमारा मिशन — संस्कार और शिक्षा का प्रसारधार्मिक संस्कार और नैतिक शिक्षा से ही समाज की नींव मजबूत होती है।
यह प्रकोष्ठ शिक्षा और संस्कार के दीप जलाने का काम करेगा — गांव-गांव, शहर-शहर, और दिल-दिल तक। हमारा संघर्ष — विकृतियों के विरुद्ध समाज में फैली विकृतियां हमारे सामूहिक भविष्य पर धब्बा हैं।पत्रकार प्रकोष्ठ का संकल्प है — इन्हें पहचानकर, जड़ से मिटाना और उनके स्थान पर नैतिकता, सद्भाव और सहयोग की भावना स्थापित करना।
प्रदेश संयोजक दीपक दुग्गड ने बताया की हमारा लक्ष्य समन्वय और संवाद सामाजिक और पारिवारिक गतिविधियों के माध्यम से, एक-दूसरे के प्रति विश्वास और अपनापन बढ़ाना, और हर दिल में “हम एक हैं” की भावना जगाना ही हमारा अंतिम लक्ष्य है।प्रोग्राम के दौरान सभी सम्मानित सदस्यों को प्रदेश के यशस्वी मुख्य मंत्री श्री मोहन यादव के नाम इक पत्र दिया जिसकी प्रति सभी सम्मानित सदस्यों को भी दी। जिसमे मांग की गई कि जैन धर्म के दस लक्षण पर्व , गणेशोत्सव पर्व , भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी, आदि और भी त्योहारों पर शासकीय, अर्ध शासकीय, कॉन्वेंट आदि विद्यालयों में परीक्षा नहीं रखे जाने के सम्बन्ध में, पत्र लिखा , E पेपर निकल ने का प्रस्ताव दूसरे सत्र में आया , जिसे आचार्य श्री के आशीर्वाद से और सभी सम्मानित सदस्यों की सहमति से स्वीकार किया , सर्वानुमति से साप्ताहिक e पेपर निकल ने की सहमति बनी , अध्यक्ष महोदय इक कमेटी बनाकर इस कार्य को अंजाम देगे ,जैन पत्रकार कल्याण बोर्ड के गठन पर भी चर्चा हुई और सहमति बनी, गठन पर एक पत्रकार साथी ने एक लाख रूपए देने की घोषणा की। पत्रकार प्रकोष्ठ कोई संगठन मात्र नहीं, बल्कि एक विचार, एक आंदोलन, एक प्रेरणा है।यह मंच उस हर आवाज को बुलंद करेगा, जो समाज में सुधार, सहयोग और समन्वय का संदेश लेकर उठेगी।क्योंकि जब कलम समाज के लिए चलती है, तो बदलाव निश्चित होता है।
कार्यकम के अंत में आचार्य श्री ने बाहर से पधारे हुए सभी सम्मानित सदस्यों का अपने हाथों से रक्षा पोटली बांधकर और आकर्षक उपहार दे कर सम्मानित किया और उज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया।