रतलाम 20 अगस्त । किसान कल्याण तथा कृषि विकास जिला रतलाम के सहायक संचालक श्री भीका वास्के द्वारा बताया गया कि वर्तमान में रतलाम जिले में वर्षा होने के कारण खरीफ की प्रमुख फसलें जैसे सोयाबीन, मक्का एवं कपास की फसलें अच्छी स्थिति में लहलहा रही है। सोयाबीन फसल में पुरानी प्रजातियां जैसे जे.एस. 9560, जे.एस. 335 की बुआई की गई है। वहां पर धीरे-धीरे पीला मोजेक की समस्या हो रही है। पीला मोजेक जो सफेद मक्खी द्वारा फैलता है जिसका नियंत्रण करने से यह रोग नहीं फैलता हैं। सफेद मक्खी की रोकथाम के लिए किसान भाई अपने खेत में 7-8 स्थानों पर पीला स्ट्रिकी टेप लगाये। इसके अलावा किसान भाईयों को यह सलाह दी जा रही है कि, बीटा सायफलाथिन + इमिडाक्लोरोप्रिड 500 मिली. या प्रोपेनोफॉस 500 मि.ली. या लेमडासायलोथ्रिन + थायोमेथाक्साम 125 मि.ली./हेक्टेयर छिड़काव करें।
मक्का फसल में फॉल आर्मी वार्म कीट का प्रकोप देखा गया है। 1.5 मि.ली. या इमामेक्टिन बेंजोएट 5 प्रतिशत एस.जी. 220 ग्राम/हैक्टर या प्रोक्लेम एक्स्ट्रा 750 मि.ली. हैक्टर (इमामेक्टिन 5 प्रतिशत + लुफिनोरोन 40 प्रतिशत) का प्रयोग करें। किसान भाई दवाई विक्रेताओं से दवाई खरीदते समय पक्का बिल ले तथा दवाई के बोतल पर लिखे गये निर्देशों को पढ़कर ही कीटनाशक दवाईयों का उपयोग करें। दवाई छिड़कते समय मुंह पर कपडा या मास्क लगाकर छिडकाव करें।