संसार मे नारी के बिना कुछ भी नही – महासाध्वी डॉ. संयमलता म.सा.

पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के अंतर्गत भगवान महावीर स्वामी का जन्मोत्सव धूमधाम से मना

रतलाम । प्रभु अरिष्ट नेमी ने कृष्ण को बताया की जब तक द्वारिका नगरी मे आयंबिल की श्रंखला चलती रहेगी तब तक यह नगरी सुरक्षित रहेगी, जब यह श्रंखला टूट जाएगी तब द्वारिका नगरी नष्ट हो जाएगी । इस के बाद श्री कृष्ण ने 1000 पुरुष और महिलाओ की दीक्षा करवाई जिसमे श्रीकृष्ण की महारानियाँ भी थी और महाराजा ने धर्म की अनुमोदना करके तीर्थंकर गौत्र का उपार्जन किया । उक्त विचार जैन दिवाकरीय महासाध्वी डॉ संयमलता म. सा. ने आयोजित धर्मसभा मे व्यक्त किए ।
आपने फरमाया की संसार मे नारी के बीना कुछ भी नही । पुरुषों को धन की जरूरत पड़ती है तो लक्ष्मी जी को याद करता है, बुद्धि की जरूरत पड़ती है तो सरस्वती जी को याद करता है, शक्ति की जरूरत पड़ती तो दुर्गा जी को याद करता है और अन्न की जरूरत पड़ती तो अन्नपूर्णा जी को याद करता है । नारी नर की खान है । नारी ने हि राम कृष्ण और महावीर को जन्म दिया । भगवान महावीर के 14000 शिष्य थे और 36000 शिष्या थी । 14000 शिष्य के लिए 11 गण धर थे और 36000 शिष्याओ के लिए केवल गुरूनी साध्वी चन्दनबाला ही थी ।
जब जब पुरुष धर्म के मार्ग से विचलित हुए है तो उन्हे जगाने का कार्य नारियों ने हि किया है । ब्राह्मी और सुंदरी ने बाहुबली को धर्म का संदेश दिया, राजुल ने रथ नेमी को धर्म का संदेश् देकर गलत मार्ग पर् जाने से बचाया । वर्तमान की नारिया फैशन परस्ती मे व्यस्त और मस्त है, मम्मी को माम, पापा को डेड कहती है । आज कल बच्चो के नाम भी अजीब रखती है पहले महावीर, राम, कृष्ण नाम रखे जाते थे पहले महिलाए अपने साथ कटार रखती थी और आजकल पर्स मे लिपिस्टिक रखती है । पहले टेलीफोन था तो सबके सामने बात होती थी मगर आजकल मोबाइल की वजह से कोंन कहा बात कर रहा कुछ पता नही रहता । अगर नारी जग जाए तो विश्व का संकट टल जाए । पहले लड़के और लड़कियों मे भेद भाव समझा जाता था मगर आज बराबरी से कंधा से कंधा मिलाकर साथ है, लड़का एक कुल का नाम रोशन करता है अगर लड़किया दो कुल का नाम रोशन करती है।
धर्मसभा मे अंतगढ़ सूत्र का वचन साध्वी सौरभ प्रज्ञा म सा ने किया । डॉ कमलप्रज्ञा म सा ने प्रभु अरिष्ट नेमी द्वारा श्रीकृष्ण की जिज्ञासाओ के समाधान का वर्णन समझाया । प्रभु महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव के निर्मित डॉ अमितप्रज्ञा म सा ने सुंदर् भजन सुनाया । धर्मसभा मे छोटे बच्चे दिविषा पटवा, भव्य मालवी, आराध्या गांधी, टीशा भरगट, रिधान कटारिया, शुभ बाफना, आदि कटारिया, चवी व्होरा, चार्वी बोथरा ने जमिकन्द के ऊपर सुन्दर नाटिका का प्रस्तुत की । दोपहर की श्री वर्धमान स्थानक वासी श्रावक संघ के सानिध्य और पूज्य महासतिया जी की निश्रा मे भगवान महावीर स्वामी का जन्मकल्याणक महोत्सव धूम धाम से मनाया गया ।

Play sound