रतलाम। आचार्य रामलाल जी महाराज साहब एवं उपाध्याय प्रवर राजेश मुनि जी महाराज साहब के अज्ञानुवर्ती शासन दीपक श्री रोहित मुनि जी महाराज साहब ने आज प्रवचन में संवत्सरी महापर्व के अवसर पर क्षमा का महत्व बताया यह जीवन का श्रृंगार है इस जीवन में उतारे तो मानसिक बोझ कम हो जाता है। श्री जय प्रभ जी महाराज साहब ने कृष्ण वासुदेव का उदाहरण देकर श्रमा का महत्व समझाया व गुरु की महिमा बताइ श्री ब्रह्मऋषिजी महाराज साहब ने आराधना व तपस्या का महत्व बताया। त्याग तपस्या व आराधना से आप संयमित हो सकते हैं और अपनी लक्ष्य की प्राप्ति को पूर्ण कर सकते हैं।
श्री शकुंतला श्री जी महाराज साहब श्री करिश्मा श्री जी महाराज साहब श्री राम शैली जी महाराज साहब ने भी अपने भाव प्रस्तुत किया। जिसमें उन्होंने बताया कि एक डोरी में कितनी भी गांठ बांध लो वह 1 मिनट में बंध जाती है परंतु उसको खोलने में लंबा समय लग जाता है और कभी-कभी तो वह खुल भी नहीं पाती वैसे ही हमें अपने जीवन में गांठ नहीं बांधते हुए आगे बढ़ना चाहिए। प्रवचन में चरित्र आत्माओं द्वारा अबॉर्शन जैसी जैसे विशेष पाप से बचने के लिए पूरे संघ को प्रत्याख्यान करवाए की अबॉर्शन जैसे महा पाप में ना हम सहयोग करेंगे ना हम स्वयं कभी अबॉर्शन करवाएंगे।
इस अवसर पर संघ के प्रीतेश गादिया ने बताया कि समता भवन गोपाल गौशाला पर प्रातः 8.30 बजे चल रहे प्रवचन में लगभग 2500 से अधिक श्रावक श्राविकाओं ने प्रवचन का लाभ लिया और शाम को प्रतिक्रमण का लाभ भी लिया सभा में साधु मार्गी जैन संघ के वरिष्ठ श्रावक पूनमचंद कोठारी एवं संघ अध्यक्ष श्री कांतिलाल छाजेड़ ने भी अपने भाव प्रस्तुत किये संचालन चंदन पीरोदिया ने किया तपस्वियों के नाम की घोषणा समता युवा संघ अध्यक्ष अर्पित गांधी ने की संघ मंत्री श्री अशोक पीरोदिया ने कार्यकर्ताओं का प्रवचन पश्चात आभार व्यक्त किया। एवं संघ के सभी सदस्य द्वारा संकल्प पत्र का सामूहिक वाचन किया गया अंत में कई भाई बहनों द्वारा कई छोटी बड़ी तपस्याओं के पचखान ग्रहण किए गए।