




रतलाम। आज दिनांक 27 अगस्त बुधवार को श्रुति संवर्धन वर्षा योग 2025,श्री चंद्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिर स्टेशन रोड, रतलाम आचार्य 108 विशुद्ध सागर जी म. सा. के शिष्य मुनि श्री 108 सद्भाव सागर जी म.सा. एवं क्षुल्लक 105 श्री परम योग सागर जी म.सा. द्वारा चंद्रप्रभा मंदिर मे पाट पर विराजित है।
स्टेशन रोड स्थित भगवान श्री चंद्र प्रभ दिगंबर जैन मंदिर से प्रभात फेरी निकाली जो टीआईटी रोड, मित्र निवास रोड से होती हुई लोकेंद्र भवन पहुंची। जिसमें समाज जनो ने पूजन में विशेष वस्त्र धारण किए हुए थे साथ ही श्री भगवान एवं चिन्हों को हाथों से मस्तक पर धारण किए हुए थे। समाज जन सभी लोकेंद्र भवन पहुंचे वहां मुनि श्री के सानिध्य में ध्वजारोहण किया तत्पश्चात शिविर का उद्घाटन फीता काटकर किया गया।
मुनि श्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह श्रावक संयम साधना संस्कार शिविर दश लक्षण महामंडल विधान कल से प्रारंभ होने जा रहा है परंतु आप माने की आज ही इसका उद्घाटन हो गया है। पर्व कई प्रकार के होते हैं, जैसे पार्श्वनाथ निर्वाण पर्व,तीर्थंकरों का, निर्वाण मनाया जाता है। जैसे उनकी आत्मा शाश्वत है, हमारी आत्मा भी शाश्वत है। उन्होंने साधना तपस्या के माध्यम से मोक्ष को प्राप्त किया और हम भी प्राप्त करें इस हेतु पर्व मनाया जाते हैं। शाश्वत पर्व भी दो प्रकार के होते हैं एक टेंपरेरी दूसरा परमानेंट। जो परमानेंट पर्व है वह अष्टमी दशमी दश लक्षण पर्व पर्युषण पर्व यह सब शाश्वत पर्व है और इनके गुण भी शाश्वत होते हैं। इसीलिए हम शाश्वत पर्युश्रण पर्व मनाते हैं आप सबके जीवन मूल्यों की पूजा पर्यूषण पर्व है। इसमें सिद्धांतों के गुणो को भगवान और लाइफ वैल्यूज की भी पूजा करते हैं। यह दश लक्षण पर्व आपको हमारी आत्मा में मिलेंगे यह मानो कि आपकी आपकी आत्मा का, संस्कारों का मेंटेनेंस चल रहा है इन दश लक्षण पर्व में आपके आप स्वयं अपने दुर्गुणों को कंट्रोल करेंगे और लाइफ को अपग्रेड करेंगे।
कल बताया था कि सुख चार प्रकार के होते हैं पहला सुख इंद्रिय सुख है, दूसरा सुख मानसिक सुख है,तीसरा सुख प्रसन्न सुख है और चौथा सुख आत्मिक सुख है।इसमें आपको प्रसन्न सुख और आत्मिक सुख मिलेगा जिससे आप अपने आपको सेटिस्फाइड करेंगे।आपको उत्साह,उमंग,आनंद के साथ आना है यही आपकी एंट्री फीस रहेगी सबसे पहले समय पर उपस्थित हो जाना है उत्साह व उमंग के साथ भगवान की पूजा करना है शाम को महाआरती,साधना, जप, शांति से कैसे बैठे आदि समझाया जाएगा और यह सब अपने जीवन में आप क्रियान्वित कर सकेंगे जिससे आपके मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होगा। उक्त विचार मुनि श्री ने अपने उद्बोधन में कहे।कल प्रातः 28 अगस्त 2025 से 6 दिसंबर 2025 तक सद्भावना देशना मंडप लोकेंद्र भवन पर श्रावक संयम साधना संस्कार शिविर दश लक्षण महामंडल विधान किया जाएगा। जिसका आयोजन श्री चंद्र प्रभ दिगंबर जैन श्रावक संघ, श्री विद्या सिंधु महिला मंडल, श्री विमल सन्मति युवा मंच एवं निवेदक सकल दिगंबर जैन समाज रतलाम की ओर से किया जा रहा है।उक्त जानकारी मंदिर समिति श्रावक संघ के संयोजक मांगीलाल जैन ने दी।