महर्षि दधीचि जयंती के अवसर पर देहदान स्वीकृति – गोविंद काकानी

रतलाम। चंद्र प्रकाश पिता सूराजमल जैन उम्र 78 वर्ष निवासी कस्तूरबा नगर द्वारा काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा की जा रही लगातार सेवा कार्यों से प्रभावित होकर देहदान करने की तीव्र इच्छा जाहिर करते हुए संकल्प पूरा करने के लिए स्वयं ने घरवालों को मनाने के पश्चात पुत्र सिद्धार्थ जैन के माध्यम से घर कस्तूरबा नगर पर बुलाया और काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन सचिव गोविंद काकानी के सहयोग से घरवालों की उपस्थिति में संकल्प पत्र भर कर दिया।
इसी के साथ उन्होंने छोटे भाई अशोक कुमार पिता सूराजमल जैन उम्र 68 वर्ष ने भी संकल्प पत्र साथ में भरकर दिया| समाजसेवी गोविंद काकानी ने जानकारी देते हुए बताया कि शाम को संकल्प पत्र भरने के लिए जैसे ही उनके घर पर पहुंचा पोती अविका, सुपुत्र सिद्धार्थ, श्रीमती पीनल पति सिद्धार्थ एवं चाचा प्रदीप जैन की उपस्थिति में खुशी-खुशी संकल्प पत्र भरा गया।
समाजसेवी काकानी ने उपस्थित सभी घरवालों को देहदान की जानकारी देते हुए बताया कि आप सभी धार्मिक क्रियाएं कर सकते हैं| सिर्फ शव को अग्नि को समर्पित करने की जगह डॉ लक्ष्मी नारायण पांडे मेडिकल कॉलेज को विद्यार्थी अध्ययन के लिए दिया जाता है |शव को जलाने से लाखों लीटर ऑक्सीजन वायुमंडल में समाप्त होती है| प्रकृति का संतुलन बिगड़ रहा है देहदान कि उक्त चर्चा के बाद पोती अविका ने स्वयं के साथ परिवारजनों की देहदान के लिए स्वीकृति प्रदान करते हुए आम जनों के लिए अनुकरणीय संदेश दिया| सहमति प्रदान प्रक्रिया पूरी कर संकल्प पत्र को डॉक्टर लक्ष्मी नारायण पांडे मेडिकल कॉलेज की डीन डॉक्टर अनीता मूथा के माध्यम से शरीर संरचना विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर जितेंद्र गुप्ता के पास जमा किया जाएगा।
देहदान से परिवार व समाज को लाभ गोविंद काकानी ने बताया कि देहदान से मेडिकल विद्यार्थियों को शरीर संरचना का प्रत्यक्ष ज्ञान मिलता है। नेत्र व त्वचा दान से रोगियों को जीवन मिलता है। अंतिम संस्कार की लागत, लकड़ी की खपत और प्रदूषण कम होता है। साथ ही शासन द्वारा देहदानी परिवार को सामाजिक सम्मान व प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाते हैं।
देहदान हेतु संपर्क मो.9329310044: गोविंद काकानी