


रतलाम,। नेत्रदान के क्षेत्र में जनजागरूकता और सेवा के प्रति समर्पित नेत्रम संस्था के सतत प्रयासों से रतलाम शहर में हाल ही में तीन नेत्रदान सफलतापूर्वक सम्पन्न हुए। इन उदार कार्यों से छह दृष्टिहीन व्यक्तियों को नई रोशनी मिलने की संभावना बनी है। संस्था के संस्थापक हेमन्त मूणत ने बताया कि
1. सूरज श्री कॉलोनी निवासी पवन जैन की धर्मपत्नी स्व. सपना जैन के निधन उपरांत, पुत्र पंकज जैन एवं परिजनों ने विजय जैन और राजेश जैन (भूजिया वाले) की प्रेरणा से नेत्रदान किया।
2. वेदव्यास कॉलोनी निवासी स्व. विजय सिरोलिया (पुत्र धरमचंद सिरोलिया) के निधन उपरांत, पुत्र जय सिरोलिया एवं परिजनों ने हर्षन्दू भरगट, राजेश भरगट एवं जयेश भरगट की प्रेरणा से नेत्रदान का निर्णय लिया।
3. शुभम रेजिडेंसी निवासी स्व. इंदरमल चोपड़ा (पुत्र समरथमल चोपड़ा) के निधन उपरांत, पुत्र प्रकाश चोपड़ा, अनिल चोपड़ा एवं परिजनों ने जितेन्द्र चोपड़ा, सचिन चोपड़ा एवं राकेश चोपड़ा की प्रेरणा से नेत्रदान किया।
तीनों परिजनों की सहमति के बाद संस्था ने बड़नगर स्थित गीता भवन न्यास के ट्रस्टी एवं नेत्रदान प्रभारी डॉ. जी. एल. ददरवाल को सूचना दी। सूचना प्राप्त होते ही डॉ. ददरवाल अपनी टीम मनीष तलाच, परमानंद राठौड़ एवं मोहनलाल राठौड़ के साथ रतलाम पहुँचे और नेत्रदान की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूर्ण किया।इस अवसर पर हेमन्त मूणत, ओमप्रकाश अग्रवाल, शीतल भंसाली सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। नेत्रम संस्था ने तीनों परोपकारी परिवारों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके मानवीय योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।संस्था ने समाज में नेत्रदान की महत्ता पर बल देते हुए अपने जनजागरूकता अभियान को और अधिक गति देने का संकल्प दोहराया।