
रतलाम। साईश्री रेज़ीडेंसी, दीनदयाल नगर निवासी स्वर्गीय राजेन्द्र कटारिया की धर्मपत्नी श्रीमती फुलकुँवर बाई कटारिया के निधन उपरांत उनके परिवार ने मानवता और सेवा भाव की मिसाल पेश करते हुए उनका नेत्रदान किया। इस पुनीत कार्य से अब दो दृष्टिहीन व्यक्तियों को नई रोशनी मिलने की संभावना बनी है, जिससे उनके जीवन में उजियारा पहुँचेगा।
इस नेक पहल के लिए ओमप्रकाश अग्रवाल ने दिवंगत के पुत्र निलेश कटारिया एवं परिजनों को प्रेरित किया, जिस पर उन्होंने सहर्ष सहमति प्रदान की। सहमति मिलते ही रतलाम रेड क्रॉस सोसायटी के संचालक एवं नेत्रम संस्था के संस्थापक हेमंत मूणत ने सूचना गीता भवन न्यास के ट्रस्टी एवं नेत्रदान प्रभारी डॉ. जी.एल. ददरवाल को दी।
डॉ. ददरवाल के नेतृत्व में टीम के सदस्य मनीष तलाच एवं परमानंद राठौड़ ने तत्परता से पहुँचकर नेत्र संरक्षण की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण की। इस दौरान परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों, मित्रों और शुभचिंतकों ने पूरी प्रक्रिया को स्वयं देखा, भ्रांतियों को दूर किया और भविष्य में भी नेत्रदान के संकल्प को दोहराया।
नेत्रम संस्था के अनेक सदस्य इस अवसर पर उपस्थित रहे। संस्था द्वारा दिवंगत के परिजनों को प्रशस्ति पत्र भेंट कर उनकी उदारता और संवेदनशीलता का सम्मान किया गया।
अपील
नेत्रम संस्था सभी नागरिकों से आग्रह करती है कि वे नेत्रदान जैसे महान कार्य में सहभागी बनें और अंधकार से प्रकाश की ओर समाज को अग्रसर करने में सहयोग दें